समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, आदेश पालन न करने पर ₹3-3 लाख का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना और कंटेंट क्रिएटर रणवीर अल्लाहबादिया को अदालत के पूर्व आदेशों का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और चेतावनी दी कि तय समय में राशि जमा नहीं करने पर आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अदालत ने उनके आचरण और सार्वजनिक जिम्मेदारी पर भी गंभीर टिप्पणी की।
‘कैसे यूथ आइकॉन हैं?’— कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग खुद को युवाओं का प्रेरणास्रोत मानते हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का भी पालन करना चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि कोई सार्वजनिक जीवन में है, तो उसके आचरण का असर समाज पर पड़ता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि दूसरों का सम्मान करने से ही व्यक्ति को सम्मान मिलता है और सार्वजनिक मंच पर जिम्मेदार व्यवहार अपेक्षित है।
समय रैना पर कोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय रैना ने पहले दिए गए निर्देशों का अपेक्षित रूप से पालन नहीं किया। अदालत के अनुसार, सुनवाई के दौरान दिए गए आश्वासनों और बाद में किए गए कार्यों में अंतर दिखाई दिया। कोर्ट ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि न्यायालय के समक्ष किए गए वादों का पालन करना प्रत्येक पक्ष की जिम्मेदारी है और इसकी अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।
एसएमए फाउंडेशन से संपर्क नहीं करने का मुद्दा भी उठा
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना अपने कार्यक्रम जारी रखे हुए हैं, लेकिन अदालत के निर्देशों के बावजूद उन्होंने एसएमए फाउंडेशन या प्रभावित लोगों से संपर्क नहीं किया। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाए और कहा कि आदेशों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वकील ने दी सफाई, कोर्ट ने दी चेतावनी
समय रैना की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि एसएमए फाउंडेशन से संपर्क न करना किसी अहंकार या जानबूझकर की गई अनदेखी नहीं थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अपने मुवक्किल को अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए समझाएंगे। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई या आदेशों की अवहेलना जारी रही तो आगे कड़ी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।