रामगढ़ में मंदिर की तैयारियां बनीं हादसे की वजह, पिलर गिरने से मूर्तिकार की मौत
अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे में मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजन की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज आंधी और बारिश के दौरान मंदिर की छत पर बना सीमेंट का पिलर अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 45 वर्षीय मूर्तिकार चेतराम गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तेज आंधी-बारिश के बीच हुआ हादसा
रामगढ़ की शिव कॉलोनी स्थित मंदिर में 12 जुलाई को प्राण-प्रतिष्ठा और रामायण पाठ का आयोजन प्रस्तावित था। इसी को लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई और अन्य तैयारियां चल रही थीं। शुक्रवार शाम मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान मंदिर की छत पर बना सीमेंट का पिलर ईंटों सहित नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय मंदिर परिसर में मौजूद चेतराम इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल चेतराम को रामगढ़ उप जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अलवर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें एंबुलेंस से अलवर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रेलवे फाटक के पास उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार और क्षेत्र के लोगों में गहरा शोक व्याप्त है।
टेंट की रस्सी खिंचने से गिरा पिलर
परिजनों के अनुसार, मंदिर में धार्मिक आयोजन के लिए टेंट लगाया जा रहा था। तेज हवा के कारण टेंट की रस्सी छत पर बने पिलर से खिंच गई, जिससे पिलर अपनी जगह से उखड़कर नीचे गिर गया। इसी दौरान मंदिर परिसर में सफाई कर रहे चेतराम उसकी चपेट में आ गए। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है ताकि हादसे के कारणों की पुष्टि की जा सके।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मुआवजे की मांग
चेतराम पेशे से मूर्तिकार थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में एक बेटा और चार बेटियां हैं। बेटे मोहित कुमार की शिकायत पर रामगढ़ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, आदि गौड़ ब्राह्मण समाज ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। जिस मंदिर में कुछ समय बाद धार्मिक उत्सव होना था, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।