भारत-न्यूजीलैंड ने 2030 तक का रणनीतिक रोडमैप अपनाया, व्यापार दोगुना करने और FTA लागू करने पर सहमति
भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए उन्हें रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की वार्ता के बाद दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत सहयोग को मजबूत करने के लिए साझा रोडमैप अपनाया। दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द लागू करने और व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया।
2030 तक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा
भारत और न्यूजीलैंड ने ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी रोडमैप 2030’ को अपनाते हुए अगले पांच वर्षों के लिए व्यापक सहयोग का खाका तैयार किया है। इस रोडमैप का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामरिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करना है। इसके तहत नियमित समीक्षा तंत्र भी बनाया जाएगा ताकि तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। दोनों देशों के संबंधित मंत्रालय और अधिकारी रोडमैप के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे।
FTA लागू करने और व्यापार बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जाए। इसके साथ ही निवेश, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों का मानना है कि FTA लागू होने से कारोबार, रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
निवेश और आर्थिक सहयोग को मिलेगी रफ्तार
दोनों देशों ने निवेश बढ़ाने के लिए कई नई पहल करने पर सहमति जताई। भारत ने न्यूजीलैंड के निवेशकों की सुविधा के लिए विशेष ‘न्यूजीलैंड सिंगल डेस्क’ स्थापित करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाना और दोनों देशों के कारोबारी समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इस पहल से कृषि, डेयरी, शिक्षा, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
रक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग होगा मजबूत
रणनीतिक रोडमैप के तहत दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास, रक्षा सहयोग और दोनों नौसेनाओं के बीच लॉजिस्टिक सहयोग को भी मजबूत करने का निर्णय लिया गया। दोनों नेताओं ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व पर भी जोर दिया।
वैश्विक मुद्दों पर भी दिखी साझा सोच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ रही है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की बात कही। वहीं, न्यूजीलैंड ने भी भारत के साथ दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।