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जयपुर मेट्रो के विस्तार की तैयारी तेज, चाकसू-चौमूं समेत कई नए रूटों पर दौड़ सकती है मेट्रो

जयपुर मेट्रो का विस्तार, चाकसू-चौमूं तक दौड़ सकती मेट्रो

राजधानी जयपुर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में सरकार ने नई कवायद शुरू कर दी है। दूसरे चरण की परियोजना आगे बढ़ने के साथ अब तीसरे चरण और भविष्य के नए कॉरिडोर की संभावनाओं पर भी काम शुरू हो गया है। इसके लिए संभावित रूटों की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का अध्ययन कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि किन नए इलाकों तक मेट्रो या मेट्रो लाइट सेवा का विस्तार किया जाएगा।

फिजिबिलिटी रिपोर्ट तय करेगी नए मेट्रो रूट

जयपुर मेट्रो प्रशासन ने संभावित नए कॉरिडोरों का तकनीकी और आर्थिक मूल्यांकन कराने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है। एजेंसी यात्री संख्या, लागत, भूमि उपलब्धता, ट्रैफिक दबाव और भविष्य की जरूरतों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार नए रूटों को अंतिम रूप देगी। प्रशासन का उद्देश्य तेजी से विकसित हो रहे शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है।

चाकसू, बस्सी, चौमूं समेत कई क्षेत्रों तक पहुंच सकती है मेट्रो

प्रारंभिक योजना के अनुसार वैशाली नगर, जगतपुरा, मालवीय नगर और रामगढ़ मोड़ जैसे विकसित क्षेत्रों के अलावा चाकसू, बस्सी, चौमूं, बगरू, फागी और चंदवाजी जैसे बाहरी इलाकों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। कम यात्री घनत्व वाले क्षेत्रों के लिए मेट्रो लाइट मॉडल पर मंथन चल रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत विभिन्न उपनगरीय क्षेत्रों को शहर के प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट्स से जोड़ने की संभावना का अध्ययन किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुगम हो सके।

मेट्रो फेज-2 के निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार

दूसरे चरण की परियोजना के तहत निर्माण प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। प्रहलादपुरा क्षेत्र में रिंग रोड के निकट टेस्ट पाइलिंग का कार्य शुरू किया गया है। यह प्रक्रिया जमीन की भार वहन क्षमता और एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए पिलरों की तकनीकी मजबूती का परीक्षण करने के उद्देश्य से की जा रही है। परीक्षण के नतीजों के आधार पर पाइल की गहराई, डिजाइन और निर्माण मानकों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद स्थायी पाइलिंग और पिलर निर्माण का कार्य तेज गति से शुरू होगा।

बेहतर सार्वजनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का उद्देश्य जयपुर शहर और उससे जुड़े उपनगरीय क्षेत्रों के बीच बेहतर और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। यदि प्रस्तावित विस्तार को मंजूरी मिलती है तो रोजाना हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने, ट्रैफिक जाम में कमी आने और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर परियोजना के अगले चरणों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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