50 करोड़ की रंगदारी के लिए फैक्ट्री पर फायरिंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 3 गुर्गे गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के लिए पुणे के एक कारोबारी की फैक्ट्री पर फायरिंग की थी। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से विदेशी हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और वारदात से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
संयुक्त ऑपरेशन में हनुमानगढ़ से हुई गिरफ्तारी
हनुमानगढ़ पुलिस और पुणे पुलिस ने मिलकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान एसपी नरेंद्र सिंह मीणा और एएसपी अरविंद विश्नोई के नेतृत्व में चलाया गया। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
पुणे फैक्ट्री फायरिंग में सामने आया गैंग कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पुणे में हुई फायरिंग की वारदात से है। आरोप है कि हवाला कारोबारी अमूल चमड़िया और सन्नी चमड़िया की फैक्ट्री पर 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के उद्देश्य से गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के पीछे संगठित अपराध गिरोह की भूमिका सामने आई है। मामले में आरोपियों से वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विदेशी पिस्टल और कारतूस बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी पिस्टल, तीन मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हथियारों का इस्तेमाल अपराध की वारदातों में किया जाना था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए और इस सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मुख्य आरोपी पवन भाट और रवि सुथार गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी पवन भाट को 2 जुलाई को हनुमानगढ़ जंक्शन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने रवि सुथार को भी पकड़ लिया। इसके अलावा दोनों आरोपियों की मदद करने के आरोप में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के बाद पुणे पुलिस तीनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए अपने साथ ले गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से ली गई थी फायरिंग की जिम्मेदारी
फैक्ट्री पर फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में कारोबारी को धमकी देने और पहले रंगदारी मांगने की बात कही गई थी। पुलिस अब इस सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसे किसने और कहां से अपलोड किया था।
पुलिस खंगाल रही गैंग का पूरा नेटवर्क
हनुमानगढ़ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में गैंग की गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि संगठित अपराध और रंगदारी जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।