‘सवाल पूछना गुनाह नहीं’, देवेंद्र फडणवीस के बयान पर भड़कीं कुनिका सदानंद, सोशल मीडिया पर साधा निशाना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक टिप्पणी को लेकर नया राजनीतिक और सोशल मीडिया विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना पर उठे सवालों के बीच दिए गए उनके बयान की अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों के लिए इस तरह की भाषा उचित नहीं है।
मिसिंग लिंक परियोजना पर बयान बना विवाद की वजह
हाल ही में भारी बारिश के दौरान मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना के एक हिस्से में भूस्खलन की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सरकार की कार्यप्रणाली और परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठे। विधानसभा में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आलोचना करने वाले कुछ लोगों को “पेड ट्रोल्स” बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। उनके इसी बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया।
कुनिका सदानंद ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ की पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है और आलोचना करने वालों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और राज्य की पहचान को एक-दूसरे से अलग समझना चाहिए।
वर्षा गायकवाड़ ने भी उठाए जवाबदेही के सवाल
मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस समिति की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक धन से बनने वाली परियोजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उनके अनुसार, आलोचना का जवाब तथ्यों और कार्यों से दिया जाना चाहिए, न कि आलोचकों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करके।
राज ठाकरे ने भी जताई आपत्ति
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी परियोजना या प्रशासनिक फैसले पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे राज्य का अपमान नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, जनता को सरकार से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है।
पहले भी राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रही हैं कुनिका
कुनिका सदानंद इससे पहले भी कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख चुकी हैं। उन्होंने शिक्षा, महंगाई और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर भी समय-समय पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बार भी उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी की भाषा को लेकर सवाल उठाते हुए शालीन संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।