कानपुर में बैंक खाते से 60 हजार की साइबर ठगी, चार महीने बाद दर्ज हुई एफआईआर
उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के बैंक खाते से ऑनलाइन माध्यम से 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने घटना के तुरंत बाद बैंक, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और पुलिस से शिकायत की, लेकिन चार महीने बाद मामला दर्ज हुआ। फिलहाल पुलिस तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से निकाली गई रकम
कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंबेडकरपुरम निवासी राज दिवाकर के अनुसार, 1 मार्च को उनके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से उनकी जानकारी के बिना ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। बैंक खाते की जांच करने पर उन्हें इस अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक अधिकारियों को सूचना दी, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को भी पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायत के बावजूद चार महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा
घटना की शिकायत मिलने के बाद मामला जांच के लिए साइबर सेल को भेजा गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद करीब चार महीने बाद कल्याणपुर थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि अब तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित को अब तक नहीं मिली राहत
पीड़ित राज दिवाकर का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं, लेकिन इसके बावजूद न तो उनके खाते से निकाली गई रकम वापस मिल सकी और न ही अब तक आरोपियों का पता चल पाया है। लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने से उन्होंने मामले में शीघ्र न्याय और रकम वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस जांच जारी, लोगों को दी गई सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि बैंक खाते से जुड़े किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिलते ही तुरंत बैंक, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से रकम रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।