महादेव ऐप केस में CBI का बड़ा एक्शन, 6 नई चार्जशीट दाखिल
ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े महादेव ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए छह नई चार्जशीट अदालत में दाखिल की हैं। एजेंसी ने कई आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों के समर्थन में नए साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। वहीं, मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ पहले से चल रही कार्रवाई को भी अतिरिक्त सबूतों के साथ मजबूत किया गया है।
छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट
CBI ने असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपरिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ छह अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इन पर भ्रष्टाचार निवारण कानून के साथ-साथ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में जुटाए गए दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अदालत में विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान इन आरोपों की न्यायिक जांच आगे बढ़ेगी।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ नए साक्ष्य पेश
CBI ने महादेव ऐप सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। इन दोनों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जांच एजेंसी का दावा है कि नए साक्ष्यों से कथित सट्टेबाजी नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अदालत इन साक्ष्यों का परीक्षण करेगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
ओमान में हिरासत के बाद भारत लाने की तैयारी
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में स्थानीय पुलिस ने भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर हिरासत में लिया है। उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण अथवा निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। चंद्राकर के खिलाफ पहले से इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। इससे पहले उसके दुबई में होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में उसके दूसरे देश के पासपोर्ट पर यात्रा करने की बात भी जांच में सामने आई।
ईडी की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही इस मामले में सौरभ चंद्राकर और उससे जुड़ी संस्थाओं की करीब 1,700 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क कर चुका है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि महादेव ऐप के माध्यम से कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोमेन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जाता था। इस कथित नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच देश के विभिन्न राज्यों में भी जारी है। CBI और अन्य एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही हैं।