Varanasi Cyber Fraud: 20 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा, मेडलियन ज्वेलर्स पर 4 करोड़ की ठगी का केस
वाराणसी में साइबर क्राइम पुलिस ने निवेशकों को 20 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देने के आरोप में मेडलियन ज्वेलर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार कंपनी ने सोने पर कैशबैक और हाई रिटर्न स्कीम के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाए। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर निवेशकों की रकम का पता लगाने में जुटी है।
20 महीने में पैसा दोगुना करने का दिया था लालच
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार दिल्ली आधारित मेडलियन ज्वेलर्स पर आरोप है कि उसने निवेशकों को 10 से 20 महीने में निवेश की गई रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया। कंपनी ने सोना खरीदने पर आकर्षक कैशबैक और निवेश योजनाओं का प्रचार कर बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ लिया। शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 40 निवेशकों से लगभग चार करोड़ रुपये जुटाए गए, लेकिन तय समय पर न तो रकम लौटाई गई और न ही वादे पूरे किए गए।
पूर्व कर्मचारी ने दर्ज कराई शिकायत
मामले की शिकायत कंपनी के पूर्व नेतृत्व प्रशिक्षक मानवेंद्र ने दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वर्ष 2022 से 2023 के बीच कंपनी में काम करने के दौरान उन्होंने निवेश योजनाओं पर सवाल उठाए थे। विरोध करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। शिकायत के मुताबिक कंपनी ने बाद में अपनी वेबसाइट में कई बार बदलाव किए, जिससे निवेशकों का डेटा और लॉगिन विवरण उपलब्ध नहीं रहा। आरोप है कि इसके बाद नई वेबसाइट तैयार कर दी गई, जिससे निवेशकों की परेशानी और बढ़ गई।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में निवेशकों ने किया हंगामा
बताया गया कि 5 जुलाई को वाराणसी में कंपनी के स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक मौके पर पहुंचे और अपनी रकम वापस करने की मांग करते हुए हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यक्रम रुकवा दिया। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी वहां से चले गए।
साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार पूरे वित्तीय लेनदेन, कंपनी की योजनाओं और निवेशकों से जुटाई गई रकम की जांच की जा रही है। जांच की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।