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राजस्थान कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, जल्द बनेगी नई प्रदेश कार्यकारिणी

राजस्थान कांग्रेस निकाय और पंचायत चुनावों से पहले संगठन को नई धार देने की तैयारी में जुटी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कार्यकारिणी का व्यापक पुनर्गठन किया जा सकता है। मौजूदा पदाधिकारियों की संख्या घटाकर संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की योजना है। नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को भी प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है।

प्रदेश कार्यकारिणी का आकार घटाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में विभिन्न चरणों के विस्तार के बाद 400 से अधिक पदाधिकारी शामिल हैं। अब संगठन इसे अधिक सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से संख्या घटाकर 200 से कम करने पर विचार कर रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सीमित लेकिन सक्रिय टीम संगठनात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकती है। इस बदलाव का उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाना भी माना जा रहा है।

सक्रिय नेताओं की रिपोर्ट के आधार पर होगा चयन

बताया जा रहा है कि Govind Singh Dotasra ने हाल ही में दिल्ली में संगठन महासचिव K. C. Venugopal और राजस्थान प्रभारी Sukhjinder Singh Randhawa के साथ संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चा की। पदाधिकारियों की कार्यशैली, सक्रियता और संगठन में योगदान की समीक्षा के बाद नई कार्यकारिणी को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। नई टीम में विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों, वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर रहेगा।

डोटासरा के कार्यकाल में तीसरी बार होगा पुनर्गठन

गोविंद सिंह डोटासरा के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद यह प्रदेश कार्यकारिणी का तीसरा पुनर्गठन होगा। वर्ष 2020 में पहली छोटी टीम गठित की गई थी, जबकि 2022 और उसके बाद विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान कई चरणों में कार्यकारिणी का विस्तार हुआ। अब आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को अधिक चुस्त और सक्रिय बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। पार्टी आलाकमान की मंजूरी मिलने के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है।

डिजिटल रणनीति पर भी कांग्रेस का विशेष फोकस

संगठनात्मक बदलाव के साथ राजस्थान कांग्रेस डिजिटल मोर्चे पर भी अपनी तैयारी मजबूत कर रही है। पार्टी का दावा है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस रणनीति के तहत पार्टी अपने संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने, सरकारी नीतियों पर सवाल उठाने और डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय संवाद स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिए जाने की बात कही जा रही है।

चुनावी तैयारियों को मिलेगी नई दिशा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि नई टीम में संगठनात्मक क्षमता और सक्रियता को प्राथमिकता दी जाती है, तो इससे पार्टी को चुनावी अभियान को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि नई कार्यकारिणी के अंतिम स्वरूप और उसमें शामिल होने वाले नामों पर फैसला पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

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