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पीएम मोदी की तस्वीर पर कांग्रेस की पोस्ट से विवाद, प्रियंका चतुर्वेदी ने जताई आपत्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान वहां की संसद में ली गई एक तस्वीर को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के एक आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट पर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती। विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

कांग्रेस की पोस्ट पर मचा सियासी विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया संसद में मौजूदगी की एक तस्वीर को साझा करते हुए कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर टिप्पणी की गई, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। साझा की गई तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ इंडोनेशिया की प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) की स्पीकर पुआन महारानी नजर आ रही थीं। इसी पोस्ट को लेकर विपक्षी गठबंधन की सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) ने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई।

प्रियंका चतुर्वेदी ने जताई नाराजगी

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी मित्र देश की महिला नेता और भारत के प्रधानमंत्री से जुड़ी तस्वीर पर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा और प्रस्तुति किसी राष्ट्रीय दल की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।

इंडोनेशिया संसद में हुआ था कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आधिकारिक इंडोनेशिया यात्रा के दौरान जकार्ता स्थित संसद भवन पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, उपराष्ट्रपति जिब्रान राकाबुमिंग राका, प्रतिनिधि सभा की स्पीकर पुआन महारानी और पीपुल्स कंसल्टेटिव असेंबली के स्पीकर अहमद मुजानी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों पर चर्चा हुई।

पुआन महारानी ने याद किए भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक रिश्ते

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए पुआन महारानी ने भारत और इंडोनेशिया के दशकों पुराने संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत नींव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनके दादा और इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो वर्ष 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे, जो दोनों देशों की मित्रता का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक समन्वय और महाराष्ट्र में गठबंधन की स्थिति को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं सोशल मीडिया पर इस पोस्ट और उस पर आई प्रतिक्रियाओं को लेकर बहस जारी है।

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