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SIR और NRC पर ओवैसी की चेतावनी: बोले- ‘अमित शाह कच्चा काम नहीं करते’, कांग्रेस सरकार से की बड़ी मांग

तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार की संभावित नीतियों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि भविष्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू किया जा सकता है। ओवैसी ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार से लोगों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Resident Certificate) जारी करने की मांग करते हुए कहा कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गरीब और कमजोर वर्ग प्रभावित हो सकते हैं।

SIR प्रक्रिया के बीच ओवैसी ने जताई नई आशंका

हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। वकीलों की एक बैठक में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के पुनरीक्षण और जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफी) अध्ययन से जुड़े घटनाक्रमों को देखते हुए उन्हें आशंका है कि भविष्य में केंद्र सरकार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। हालांकि, यह ओवैसी का राजनीतिक आकलन है और केंद्र सरकार की ओर से ऐसी किसी योजना की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

‘अमित शाह बिना योजना के कदम नहीं उठाते’

अपने संबोधन में ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वह किसी भी मुद्दे पर बिना तैयारी के कदम नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री किसी विषय पर बैठक करते हैं तो उसके पीछे कोई न कोई स्पष्ट रणनीति होती है। ओवैसी ने कहा कि उन्हें संदेह है कि मौजूदा प्रक्रियाएं भविष्य में NRC जैसी व्यवस्था की भूमिका तैयार कर सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी आशंका गलत भी साबित हो सकती है।

तेलंगाना सरकार से स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करने की मांग

ओवैसी ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य के लोगों के लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Resident Certificate) जारी करने की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके लिए स्पष्ट मानदंड तय करने चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को दस्तावेजों के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। उनके अनुसार, यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बाद में केवल अफसोस जताने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

कांग्रेस सरकार को दी राजनीतिक चेतावनी

एआईएमआईएम प्रमुख ने कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के नाम किसी प्रक्रिया के दौरान प्रभावित होते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार पर भी आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। ओवैसी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से अपील की कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर आम लोगों के हित में आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।

क्या है SIR और NRC को लेकर विवाद?

वर्तमान में चुनाव आयोग देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना बताया गया है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर विपक्षी दल लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं और आशंका व्यक्त करते हैं कि भविष्य में इसका व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार कई मौकों पर कह चुकी है कि नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े विषय अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत संचालित होते हैं।

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