#खेल

RCA चुनाव का रास्ता साफ, ढाई साल बाद खत्म होगा एडहॉक कमेटी का दौर


राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) में लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक विवाद का अब अंत होता नजर आ रहा है। करीब ढाई साल तक एडहॉक कमेटी के जरिए संचालित हुए RCA को अब जल्द ही नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिलने की राह खुल गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पर लगी अंतिम कानूनी अड़चन भी दूर हो गई है। अब प्रशासक की निगरानी में तीन महीने के भीतर RCA चुनाव कराए जाने की संभावना है।

ढाई साल बाद RCA में चुनाव की प्रक्रिया होगी शुरू

राजस्थान क्रिकेट संघ के इतिहास में पिछले ढाई साल का समय सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव भरा रहा। निर्वाचित पदाधिकारियों की जगह पहली बार सरकार की ओर से गठित एडहॉक कमेटी ने संघ का संचालन किया। इस व्यवस्था का उद्देश्य जल्द चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी का गठन करना था, लेकिन समय बीतने के साथ चुनाव लगातार टलते गए। प्रशासनिक विवाद और कानूनी अड़चनों के कारण RCA का कामकाज प्रभावित हुआ। अब अदालत के फैसले के बाद चुनाव का रास्ता साफ हो गया है और क्रिकेट संघ को नई नेतृत्व व्यवस्था मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

सरकार की एडहॉक कमेटी नहीं कर पाई चुनाव

राजस्थान सरकार ने RCA में प्रशासनिक गतिरोध खत्म करने के लिए एडहॉक कमेटी का गठन किया था। कमेटी को संघ का संचालन संभालने के साथ ही जल्द चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि यह व्यवस्था अपने तय उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकी। चुनाव कराने के बजाय कमेटी खुद विवादों में घिरती चली गई। अधिकारों के बंटवारे, निर्णय लेने की प्रक्रिया और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर लगातार मतभेद सामने आए। आखिरकार मामला न्यायालय पहुंचा और हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।

कई चेहरों के हाथों में रही RCA की कमान

एडहॉक कमेटी के कार्यकाल में RCA की जिम्मेदारी कई लोगों के पास रही। शुरुआत में भाजपा विधायक जयदीप बिहानी को कमेटी का कन्वीनर बनाया गया था। बाद में उन्हें हटाकर दीनदयाल कुमावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद मोहित यादव को कमेटी का नेतृत्व दिया गया। लगातार बदलते नेतृत्व और आंतरिक मतभेदों के कारण संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे। अंत में राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को हटाकर आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त कर दिया।

एडहॉक कमेटी में भी जारी रही खींचतान

RCA संचालन के लिए बनाई गई एडहॉक कमेटी के भीतर भी विवाद खत्म नहीं हुए। कमेटी के कन्वीनर और सदस्यों के बीच अधिकारों को लेकर कई बार मतभेद सामने आए। बैठकों, फैसलों और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर आपसी खींचतान चलती रही। कई सदस्यों ने कमेटी के कामकाज पर सवाल उठाए। जयदीप बिहानी और दीनदयाल कुमावत के कार्यकाल के दौरान भी विवाद सामने आए। इन परिस्थितियों ने RCA में स्थायी प्रशासनिकव्यवस्था की जरूरत को और मजबूत किया।

नेता पुत्रों को मिली थी कमेटी में अहम जिम्मेदारी

एडहॉक कमेटी के पुनर्गठन के दौरान कई राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरों को भी जिम्मेदारी दी गई। भाजपा नेता जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव को कन्वीनर बनाया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह, भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी, पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पौत्र अरिष्ट सिंघवी, विधायक संजीव बेनीवाल के पुत्र अर्जुन बेनीवाल और डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन को कमेटी में शामिल किया गया था।

हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

लगातार विवादों और चुनाव में देरी को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को भंग कर दिया था। कोर्ट ने आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त करते हुए तीन महीने के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ एडहॉक कमेटी से जुड़े सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी विशेष अनुमति याचिका वापस ले ली।

अब तीन महीने में होंगे RCA चुनाव

सुप्रीम कोर्ट में राहत नहीं मिलने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी हो गया है। इससे RCA चुनाव प्रक्रिया में आने वाली अंतिम कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है। अब प्रशासक भास्कर ए. सावंत की निगरानी में चुनाव की तैयारियां शुरू होंगी। याचिकाकर्ता राजीव प्रताप सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में राहत नहीं मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद अब RCA में नई निर्वाचित कार्यकारिणी बनने की उम्मीद है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *