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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, 45 दिन की CCTV फुटेज में 70 बार चोरी का दावा

अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार उपलब्ध 45 दिन की सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों को करीब 70 बार नकदी निकालते हुए देखा गया है। हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।

सुरक्षा नियमों के पालन में मिली कई कमियां

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार चढ़ावे की गणना के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। गणना कक्ष में प्रवेश की व्यवस्था, कर्मचारियों की तलाशी, निर्धारित वेशभूषा, निजी सामान की जांच और दान पेटियों की रिकॉर्डिंग जैसी प्रक्रियाओं में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए थे, लेकिन उनकी प्रभावी लाइव मॉनिटरिंग नहीं होने से संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई जा सकी।

SOP में बदलाव के बाद बढ़ी सुरक्षा संबंधी चिंताएं

SIT के मुताबिक 6 फरवरी 2025 को चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की गई थी। इसमें गणना कक्ष में प्रवेश, कर्मचारियों की पहचान, ड्रेस कोड और तलाशी जैसी व्यवस्थाएं तय की गई थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाद में इन नियमों में बदलाव किए गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि किन परिस्थितियों में इन नियमों में परिवर्तन किया गया और किस स्तर पर इसकी अनुमति दी गई।

कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

रिपोर्ट में ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। जांच के अनुसार उन्हें दान और चढ़ावा प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन निगरानी अपेक्षित स्तर पर नहीं हो सकी। वहीं राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को मुख्य आरोपी बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार उसने कथित रूप से अपने भतीजे को गणना कार्य में नियुक्त करवाया और दोनों ने मिलकर चोरी की साजिश को अंजाम दिया। गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ भी उनकी जिम्मेदारी के संबंध में कार्रवाई की गई है। हालांकि रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष गोपाल राय का उल्लेख नहीं किया गया है।

45 दिन की CCTV फुटेज बनी अहम साक्ष्य, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

SIT के अनुसार जांच के दौरान केवल 27 अप्रैल 2026 से अगले 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध थी। इसी अवधि की रिकॉर्डिंग में आरोपियों को लगभग 70 बार नकदी निकालते हुए देखा गया। इससे पहले की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कथित चोरी कब से जारी थी और कुल कितनी राशि का गबन हुआ। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मंदिर जैसे संवेदनशील परिसर में केवल 45 दिन तक फुटेज सुरक्षित रखना गंभीर चूक है। SIT ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और अंतिम रिपोर्ट में प्रशासनिक जवाबदेही, संस्थागत खामियों और सुधारात्मक सुझावों पर विस्तृत निष्कर्ष पेश किए जाएंगे।

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