जगन गुर्जर की संदिग्ध मौत के बाद पत्नी का बड़ा बयान, बोलीं- न्याय नहीं मिला तो बड़ा कदम उठाऊंगी
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मौत के बाद बढ़ा विवाद
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की संदिग्ध मौत के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच उसकी पत्नी कोमेश गुर्जर ने सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगी। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की बात भी कही है। उनके बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कोमेश गुर्जर ने आरोप लगाया कि जेल जैसी हाई सिक्योरिटी व्यवस्था के बावजूद इस तरह की घटना होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही या आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि धौलपुर के बाहर जगन गुर्जर की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, इसलिए घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच जरूरी है।
पुराने मामलों का भी किया जिक्र
मीडिया से बातचीत के दौरान कोमेश गुर्जर ने अपने परिवार से जुड़े पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले भी परिवार पर हुए हमलों के बाद उन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया था। इस बार भी उनका कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कानूनी और अन्य उपलब्ध विकल्पों के तहत अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उनके कुछ बयान सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में व्यापक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जेल की बैरक में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था शव
जगन गुर्जर का शव अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस बैरक में वह बंद था, वहां एक अन्य हार्डकोर कैदी भी मौजूद था। पुलिस और जेल प्रशासन सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। घटना के बाद एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
तीन राज्यों में दर्ज थे 100 से अधिक मामले
जगन गुर्जर करीब तीन दशक तक अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा। उसके खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों सहित 100 से अधिक मामले दर्ज थे। वह कई बार गिरफ्तारी, जमानत और आत्मसमर्पण के कारण भी चर्चा में रहा।
जांच जारी, आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस और जेल प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।