PoK में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत तेज, JAAC नेता का दावा- ‘कश्मीरियों को हथियार पाकिस्तान ने ही दिए थे’
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने सार्वजनिक सभा में आरोप लगाया कि कश्मीर में हथियारबंद गतिविधियों की शुरुआत पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था ने ही कराई थी। वहीं, संगठन का कहना है कि अब उसी आबादी को आतंकवादी बताकर कार्रवाई की जा रही है। इस बीच JAAC नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और तेज होने के संकेत मिले हैं।
PoK में पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर बोले JAAC नेता
PoK के रावलकोट में आयोजित एक बड़ी जनसभा में JAAC के वरिष्ठ नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में कश्मीर के लोगों को हथियार उपलब्ध कराने का काम पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था ने किया था, जबकि अब वही लोगों को आतंकवादी बताकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आंदोलन को दबाने के प्रयास सफल नहीं होंगे और जनता अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
आतंकी संगठनों से संबंधों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
सरदार अमन खान ने अपने संबोधन में दावा किया कि पिछले वर्ष 5 फरवरी को रावलकोट में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए स्थानीय प्रशासन ने अनुमति और सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। उनके अनुसार, इस कार्यक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन के हथियारबंद सदस्य खुलेआम मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों से पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और कट्टरपंथी संगठनों के बीच रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
JAAC नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
PoK में आंदोलन के बीच JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। संगठन का आरोप है कि उन्हें प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही संयुक्त अभियान चलाकर गिरफ्तार किया गया। JAAC का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आंदोलन को कमजोर करना था, लेकिन इससे जनता का समर्थन और बढ़ेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि आम लोगों की आवाज है।
प्रदर्शन जारी, हालात अब भी तनावपूर्ण
PoK के कई इलाकों में प्रदर्शन लगातार जारी हैं। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। हाल ही में JAAC पर लगाए गए प्रतिबंध और उसके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। संगठन का दावा है कि गिरफ्तारियों और सख्ती के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा तथा आने वाले दिनों में इसे और व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।