अलवर में कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति से संगठन को मिली नई मजबूती
नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस ने बढ़ाई संगठनात्मक सक्रियता
अलवर में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश गंगावत की नियुक्ति के करीब सात महीने बाद शहर कांग्रेस के दोनों ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई। पार्टी ने ब्लॉक-ए की जिम्मेदारी अंकित गोयल को, जबकि ब्लॉक-बी का अध्यक्ष पूर्व पार्षद रमन सैनी को बनाया है। इन नियुक्तियों को नगर निगम चुनाव की तैयारियों के लिहाज से कांग्रेस का अहम फैसला माना जा रहा है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत
ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा के बाद फूलबाग पैलेस में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों का साफा पहनाकर और फूलमालाओं से स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को दी गई प्राथमिकता
कांग्रेस ने दोनों नियुक्तियों में संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता दी है। अंकित गोयल एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके दादा रघुवर दयाल रामगढ़ से विधायक रह चुके हैं, जबकि अंकित वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव हैं। वहीं रमन सैनी और उनकी पत्नी पिंकी सैनी नगर निगम में दो बार पार्षद रह चुके हैं। रमन सैनी फिलहाल जिला कांग्रेस कमेटी में महासचिव की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
भंवर जितेंद्र सिंह ने सरकार पर बोला हमला
स्वागत समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अलवर सहित पूरे प्रदेश में शासन-प्रशासन की व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और सफाई व्यवस्था के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने आगामी संसद के मानसून सत्र का जिक्र करते हुए भाजपा पर विपक्षी सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल एकजुट हैं।
टीकाराम जूली ने भी उठाए कई मुद्दे
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने चंबल जल परियोजना में देरी, यमुना जल समझौते और प्रदेश की अन्य विकास योजनाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही आरोप लगाया कि सरकारी संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संगठन में नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी अब नगर निगम चुनाव की तैयारियों को और तेज करेगी तथा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने पर फोकस करेगी।