अंजना ओम कश्यप-खान सर मानहानि विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा
कोर्ट की टिप्पणी- “जो नुकसान होना था, हो चुका”
अंजना ओम कश्यप और शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे मानहानि विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए मामले को मध्यस्थता (मेडिएशन) के लिए भेज दिया है। जस्टिस तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने कहा कि जो नुकसान होना था, वह हो चुका है और अब दोनों पक्षों को विवाद बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए। अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त करते हुए मामले को गुरुवार शाम 4 बजे मेडिएशन के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
अदालत ने मर्यादित भाषा अपनाने की दी सलाह
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी की आलोचना करना गलत नहीं है, लेकिन उसकी भी एक सीमा और मर्यादा होनी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि कुछ बातें शायद नहीं कही जानी चाहिए थीं। कोर्ट ने सुझाव दिया कि यदि आपत्तिजनक हिस्सों को हटा दिया जाए तो विवाद को सुलझाने में आसानी होगी। अदालत का मानना है कि एक अनुभवी मध्यस्थ की मदद से दोनों पक्ष आपसी सहमति तक पहुंच सकते हैं।
दोनों पक्षों ने कोर्ट में रखे अपने-अपने तर्क
अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि सोशल मीडिया पर शिक्षकों द्वारा किए गए कुछ पोस्ट उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि खान सर ने उनके बच्चों के स्कूल का नाम सार्वजनिक कर दिया, जिसके बाद परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। अदालत से बच्चों से जुड़ी सभी जानकारियां हटाने और ऐसे पोस्ट पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई।
वहीं, खान सर की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि बच्चों से जुड़ी सभी जानकारी सोशल मीडिया से हटा दी जाएगी। उनके वकील ने कहा कि बच्चों को इस विवाद से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि दोनों पक्ष ऐसी टिप्पणियों से बचें, जिनसे विवाद और अधिक बढ़े।
जानिए क्या है पूरा विवाद
यह पूरा विवाद NEET परीक्षा पर हुई एक लाइव टीवी डिबेट के बाद शुरू हुआ था। आरोप है कि बहस के दौरान अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन शिक्षकों को लेकर तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद खान सर सहित कई शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। इसके बाद अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने 2 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए कथित आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों को हटाने की मांग की। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।