दिल्ली हिट-एंड-रन: कश्मीरी पंडित परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, इकलौते बेटे की मौत पर न्याय की गुहार
दिल्ली के राजोकरी फ्लाईओवर पर हुए दर्दनाक हिट-एंड-रन हादसे में 34 वर्षीय सार्थक मट्टू की मौत के बाद कश्मीरी पंडित परिवार गहरे सदमे में है। परिवार का आरोप है कि पुलिस जांच में लापरवाही हुई और आरोपी को जल्द जमानत मिल गई। अपने इकलौते बेटे को खो चुके माता-पिता ने अब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
सुबह की सैर बनी मौत का सफर, तेज रफ्तार थार से टक्कर
25 जून की सुबह सार्थक मट्टू बाइक से अपने काम पर जा रहे थे, तभी राजोकरी फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हेलमेट पहनने के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जबकि राहगीरों ने गंभीर रूप से घायल सार्थक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई।
परिवार पर फिर टूटा दुखों का पहाड़, कश्मीरी पंडित दर्द
सार्थक के पिता ने बताया कि उनका परिवार पहले ही 1990 के कश्मीर हिंसा में सब कुछ खो चुका है, जब उनका घर जला दिया गया था और परिवार को पलायन करना पड़ा था। वर्षों की मेहनत से उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में नई जिंदगी बसाई थी, लेकिन इकलौते बेटे की मौत ने फिर से पूरे परिवार को तोड़ दिया है। परिवार का कहना है कि अब उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं बचा।
पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल
परिजनों का आरोप है कि हादसे के 50 घंटे बाद आरोपियों के ब्लड सैंपल लिए गए, जिससे शराब या नशे की पुष्टि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पुलिस ने बताया कि हादसे में शामिल थार वाहन एक कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसे लीज पर लिया गया था। चालक को गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई, जिससे परिवार में नाराजगी बढ़ गई है।
इंसाफ की मांग, शीर्ष नेताओं से लगाई गुहार
पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाला मामला है, जिसमें उन्हें निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।