जयपुर में DNT आंदोलन के दौरान पथराव, 15 गिरफ्तार; पुलिसकर्मी घायल, मुकदमा दर्ज
जयपुर में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू) समाज के 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने 15 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है, जबकि चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच जारी है।
आंदोलन के दौरान बिगड़ा माहौल, पथराव की घटना
जानकारी के अनुसार, बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्थित जेडीए ग्राउंड में डीएनटी समाज का महापड़ाव चल रहा था। आंदोलन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई जब कुछ लोगों द्वारा पथराव किया गया। इस दौरान वहां मौजूद वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, 15 लोग गिरफ्तार
जयपुर उत्तर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के अनुसार, इस मामले में विद्याधर नगर थाने में राजकार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मारपीट जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से 15 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस और वाहनों को नुकसान, कई जवान घायल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घटना में दो सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। घायलों का इलाज कराया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से हो रही पहचान
पुलिस का कहना है कि पथराव की घटना से जुड़े कई वीडियो और सीसीटीवी फुटेज उनके पास उपलब्ध हैं। इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। साथ ही मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षण मांग को लेकर चल रहा था महापड़ाव
डीएनटी समाज द्वारा 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर जयपुर में यह आंदोलन किया जा रहा था। इससे पहले भी सरकार के साथ बातचीत के कई दौर हो चुके थे, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था। आंदोलन के दौरान भीड़ ने शहीद स्मारक की ओर कूच करने की घोषणा की, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।