#देश दुनिया

पनामा नहर पर बढ़ा अमेरिका-चीन तनाव, जानिए इस ऐतिहासिक परियोजना में भारतीयों का क्या रहा योगदान

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल पनामा नहर एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि अमेरिका पनामा नहर पर चीन का प्रभाव बढ़ने नहीं देगा। इस बयान के बाद इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। वहीं, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस ऐतिहासिक परियोजना के निर्माण में भारतीय श्रमिकों का भी अहम योगदान रहा था।

क्यों अहम है पनामा नहर?

1914 में शुरू हुई पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसके बनने से जहाजों को दक्षिण अमेरिका का लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई गति मिली। आज भी यह वैश्विक व्यापार और समुद्री परिवहन की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन में गिनी जाती है।

निर्माण में भारतीयों ने निभाई अहम भूमिका

पनामा नहर के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय मजदूर और कर्मचारी वहां पहुंचे। इनमें पंजाब, गुजरात और सिंध क्षेत्र से गए कई लोग शामिल थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में इस विशाल परियोजना को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पंजाब के भाग सिंह उन भारतीयों में शामिल थे, जिन्होंने नहर निर्माण में काम किया और परियोजना पूरी होने के बाद भी वर्षों तक वहीं सेवाएं देते रहे।

आसान नहीं था नहर का निर्माण

पनामा नहर का निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। शुरुआती दौर में फ्रांस ने इस परियोजना को पूरा करने की कोशिश की, लेकिन बीमारियों, कठिन मौसम और तकनीकी चुनौतियों के कारण उसका प्रयास असफल रहा। बाद में अमेरिका ने इस परियोजना को अपने हाथ में लिया और कई वर्षों की मेहनत के बाद 1914 में नहर का निर्माण पूरा हुआ। इस दौरान हजारों श्रमिकों ने कठिन हालात में काम किया और बड़ी संख्या में लोगों की जान भी गई।

अमेरिका-चीन के बीच क्यों बढ़ी तनातनी?

हाल के वर्षों में पनामा नहर के आसपास चीन के बढ़ते आर्थिक निवेश और प्रभाव को लेकर अमेरिका लगातार चिंता जताता रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग पर चीन का नियंत्रण या प्रभाव बढ़ने नहीं देगा। हालांकि पनामा नहर का संचालन पनामा प्राधिकरण के हाथों में है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने इसे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।

आज भी बनी हुई है रणनीतिक अहमियत

पनामा नहर केवल व्यापारिक मार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीति का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। दुनिया के बड़े देशों की नजर इस जलमार्ग पर बनी रहती है, क्योंकि इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि एक सदी से अधिक पुरानी यह परियोजना आज भी विश्व राजनीति में अपनी अहम भूमिका निभा रही है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *