रूस का यूक्रेन पर बड़ा ड्रोन हमला: 5 फ्यूल स्टेशनों में लगी आग, एक महिला की मौत; यूक्रेन ने भी किया पलटवार
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर ड्रोन हमलों का दौर तेज हो गया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने रातभर कई इलाकों में ड्रोन हमले किए, जिनमें पांच फ्यूल स्टेशन और अन्य नागरिक ठिकाने निशाने पर रहे। इन हमलों में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी रूस के भीतर रणनीतिक ठिकानों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले करने का दावा किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
रातभर ड्रोन हमले, कई फ्यूल स्टेशन आग की चपेट में
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने रातभर विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन हमले किए, जिनमें पांच फ्यूल स्टेशन प्रभावित हुए। हमलों के बाद कई स्थानों पर आग लग गई और ईंधन भंडारण से जुड़े उपकरणों को नुकसान पहुंचा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, दक्षिणी शहर खेरसॉन में एक यात्री बस भी हमले की चपेट में आई। इन घटनाओं में एक महिला की मौत हुई, जबकि दो अन्य घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
फ्रंटलाइन इलाकों में बढ़े ड्रोन हमले
यूक्रेन का कहना है कि हाल के दिनों में जापोरिज्जिया, सुमी, खार्किव और निप्रॉपेट्रोव्स्क जैसे अग्रिम मोर्चे वाले क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की संख्या लगातार बढ़ी है। यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने आरोप लगाया कि रूस का उद्देश्य नागरिक ढांचे और ईंधन सुविधाओं को निशाना बनाकर लोगों में भय का माहौल पैदा करना है। हालांकि, रूस ने इन आरोपों पर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यूक्रेन का दावा- रूस के भीतर किए रणनीतिक हमले
रूसी हमलों के बाद यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेनी ड्रोन रूस के ऊफा शहर स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी तक पहुंचे। इसके अलावा पेन्जा क्षेत्र में स्थित एक सैन्य-औद्योगिक केंद्र को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। यूक्रेन के अनुसार, इन ठिकानों का उपयोग रूस की सैन्य क्षमता बढ़ाने और मिसाइल प्रणालियों के विकास में किया जाता है।
युद्ध में लंबी दूरी के ड्रोन की बढ़ती भूमिका
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में लंबी दूरी के ड्रोन अब दोनों पक्षों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। यूक्रेन का कहना है कि वह अपनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता लगातार विकसित कर रहा है, जबकि रूस भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले युद्ध को और जटिल बना रहे हैं तथा नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर बढ़ते खतरे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।