#देश दुनिया

तुर्की की Baykar ने भारत को ड्रोन निर्यात से किया इनकार, पाकिस्तान को बताया रणनीतिक साझेदार

तुर्की की प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनी Baykar के CEO हलूक बायराक्तार ने कहा है कि उनकी कंपनी भारत को मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उपलब्ध नहीं कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि Baykar की प्राथमिकता पाकिस्तान सहित उन देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाना है, जिन्हें वह अपना रणनीतिक साझेदार मानती है। इस बयान के बाद भारत-तुर्की रक्षा संबंधों और दक्षिण एशिया की सुरक्षा रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई संकेत नहीं है कि भारत ने Baykar से ड्रोन खरीदने का प्रस्ताव दिया था।

Baykar ने पाकिस्तान को दी प्राथमिकता

हलूक बायराक्तार ने कहा कि Baykar अपनी रक्षा तकनीक उन देशों के साथ साझा करती है, जिनके साथ उसके रणनीतिक और सुरक्षा संबंध मजबूत हैं। उन्होंने पाकिस्तान, अजरबैजान और यूक्रेन जैसे देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी इन्हें प्राथमिकता देती है। उनके अनुसार, पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग Baykar की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, इसलिए भारत के साथ ड्रोन आपूर्ति का कोई प्रस्ताव नहीं है।

भारत को लेकर क्या कहा गया?

Baykar के CEO ने कहा कि कंपनी भारत को UAV उपलब्ध नहीं कराएगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि भारत की ओर से ड्रोन खरीदने का कोई अनुरोध किया गया था या नहीं। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, भारत और Baykar के बीच किसी रक्षा खरीद वार्ता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह बयान मुख्य रूप से कंपनी की रणनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

भारत का घरेलू ड्रोन इकोसिस्टम लगातार मजबूत

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने स्वदेशी ड्रोन तकनीक के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। सरकारी और निजी क्षेत्र की कई कंपनियां निगरानी, लॉइटरिंग म्यूनिशन, स्वार्म ड्रोन, लॉजिस्टिक्स और इंटरसेप्टर ड्रोन जैसी आधुनिक प्रणालियों का विकास कर रही हैं। ‘आत्मनिर्भर भारत’, iDEX और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TDF) जैसी योजनाओं ने रक्षा क्षेत्र में नवाचार और स्वदेशी उत्पादन को गति दी है, जिससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता लगातार कम हो रही है।

उन्नत ड्रोन तकनीक पर भारत का फोकस

भारत वर्तमान में कई उन्नत मानव रहित लड़ाकू विमान (UCAV) और अगली पीढ़ी की ड्रोन परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें DRDO का ‘घातक’ स्टील्थ UCAV, Collaborative Combat Aircraft (CCA) अवधारणा, Loyal Wingman कार्यक्रम और स्वदेशी लॉइटरिंग म्यूनिशन परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा भारत अमेरिका से MQ-9B Predator ड्रोन की खरीद प्रक्रिया भी आगे बढ़ा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की दीर्घकालिक रणनीति स्वदेशी रक्षा क्षमता विकसित करने और विविध स्रोतों से आधुनिक तकनीक हासिल करने पर केंद्रित है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *