जगन गुर्जर अंतिम संस्कार में भारी तनाव, हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के बाद पुलिस जांच तेज, CCTV छेड़छाड़ पर FIR
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसका शव धौलपुर स्थित पैतृक गांव भवुतीपुरा लाया गया, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हजारों लोगों की भीड़ और भारी पुलिस बल की मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण बना रहा। वहीं जेल में CCTV कैमरे पर टूथपेस्ट लगाकर हत्या को अंजाम देने के आरोपों के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे हैं।
कड़ी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार
धौलपुर के भवुतीपुरा गांव और चंबल नदी किनारे स्थित श्मशान घाट को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। करीब 500 से अधिक पुलिसकर्मी और आरएसी जवान तैनात किए गए। अंतिम संस्कार में 5,000 से ज्यादा लोग पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कारणों से केवल सीमित परिजनों को ही चिता के पास जाने की अनुमति दी गई। बेटे ने जगन गुर्जर को मुखाग्नि दी, जबकि माहौल पूरी तरह गमगीन और तनावपूर्ण रहा।
जेल हत्या केस में FIR और गंभीर आरोप
जगन गुर्जर के बेटों की शिकायत पर अजमेर जेल प्रशासन और कुछ कैदियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि CCTV कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगाकर वारदात को अंजाम दिया गया ताकि रिकॉर्डिंग न हो सके। इस घटना ने हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ड्रोन और भारी पुलिस निगरानी में अंतिम संस्कार
पूरा क्षेत्र ड्रोन कैमरों की निगरानी में रखा गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने चंबल के बीहड़ों और गांव के आसपास सख्त निगरानी रखी। संवेदनशील इलाका होने के कारण पूरे समय सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर रहे।
भाई को पैरोल, जेल से भी पहुंचे परिजन
जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को विशेष पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई। इसके अलावा दो अन्य भाई भी अलग-अलग जेलों से कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे। परिवार की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, लेकिन तनाव पूरे समय बना रहा।
पोस्टमार्टम से पहले 30 घंटे चला धरना
अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों ने करीब 30 घंटे तक धरना दिया। उनकी मांग थी कि जब तक निष्पक्ष जांच और लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक पोस्टमार्टम नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन के साथ समझौते के बाद ही पोस्टमार्टम और शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
CCTV पर टूथपेस्ट लगाने और बैरक के अंदर हत्या की घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। शुरुआती जांच में तौलिये से गला दबाकर हत्या की बात सामने आई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इतनी हाई सिक्योरिटी जेल में यह वारदात कैसे संभव हुई और इसमें अंदरूनी मदद किसने की।