पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू, लाखों महिलाओं के खातों में पहुंची पहली किस्त
पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ की औपचारिक शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को योजना लॉन्च करते हुए लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जारी की। सरकार का दावा है कि इस योजना का लाभ राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं तक पहुंचेगा और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लॉन्च के साथ खातों में पहुंची पहली किस्त
योजना के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त जारी की। सरकार के अनुसार, शुरुआती चरण में तीन माह की सहायता राशि एकमुश्त ट्रांसफर की गई है। पात्र महिलाओं को उनकी श्रेणी के अनुसार राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई। सरकार ने कहा कि यह भुगतान पूरी तरह डीबीटी प्रणाली के माध्यम से किया गया है, जिससे लाभार्थियों तक बिना किसी बिचौलिये के सहायता राशि पहुंचे।
सामान्य और अनुसूचित जाति की महिलाओं को अलग-अलग सहायता
मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के मुताबिक, अब तक करीब 50 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। जिन महिलाओं का पंजीकरण बाद में होगा, उन्हें भी निर्धारित नियमों के अनुसार योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
इस योजना का लाभ केवल पंजाब की स्थायी निवासी महिलाओं को मिलेगा, जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है। लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पंजाब का राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र तथा आधार और बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ना है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग देना है। सरकार का अनुमान है कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा परिवारों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।