Pica Disorder: बार-बार मिट्टी, बर्फ या चॉक खाने की इच्छा क्यों होती है? जानिए कारण, लक्षण और जोखिम
बार-बार बर्फ, मिट्टी, चॉक, कागज या साबुन जैसी गैर-खाद्य चीजें खाने की इच्छा होना सामान्य आदत नहीं हो सकती। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पिका डिसऑर्डर (Pica Disorder) नामक एक ईटिंग डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। समय रहते इसकी पहचान और चिकित्सकीय सलाह लेना संभावित स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या है पिका डिसऑर्डर?
पिका डिसऑर्डर एक प्रकार का ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorder) है, जिसमें व्यक्ति लगातार कम से कम एक महीने या उससे अधिक समय तक ऐसी चीजें खाने की तीव्र इच्छा महसूस करता है, जो भोजन नहीं होतीं और जिनका कोई पोषण मूल्य नहीं होता। इनमें मिट्टी, चॉक, बर्फ, कागज, साबुन, राख, बाल या कपड़े के रेशे जैसी वस्तुएं शामिल हो सकती हैं। छोटे बच्चों में कभी-कभी जिज्ञासा के कारण ऐसी चीजें मुंह में डालना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन यदि यह व्यवहार लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
किन लोगों में अधिक देखा जाता है यह विकार?
विशेषज्ञों के अनुसार, पिका डिसऑर्डर किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ समूहों में इसका जोखिम अधिक होता है। यह समस्या छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, आयरन या जिंक की कमी से जूझ रहे लोगों तथा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम या बौद्धिक विकास संबंधी कुछ स्थितियों वाले व्यक्तियों में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय मूल्यांकन से इसके कारणों की पहचान और उचित उपचार संभव हो सकता है।
किस तरह की चीजें खाने की हो सकती है इच्छा?
पिका डिसऑर्डर से प्रभावित व्यक्ति की क्रेविंग अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोगों को बार-बार बर्फ खाने की इच्छा होती है, जबकि कुछ मिट्टी, चॉक, कागज, साबुन, राख, बाल, कपड़े या धागे जैसी गैर-खाद्य वस्तुओं की ओर आकर्षित होते हैं। यह व्यवहार केवल स्वाद या जिज्ञासा तक सीमित नहीं होता, बल्कि बार-बार और लगातार होने वाली तीव्र इच्छा के रूप में सामने आता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पिका डिसऑर्डर के संभावित कारण
इस विकार के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आयरन या जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी, गर्भावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव, कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तथा कुछ विकासात्मक विकार इसके संभावित कारण माने जाते हैं। हालांकि हर व्यक्ति में कारण अलग हो सकता है, इसलिए सही वजह जानने के लिए डॉक्टर द्वारा जांच और मूल्यांकन आवश्यक होता है।
क्या हो सकते हैं इसके स्वास्थ्य जोखिम?
यदि लंबे समय तक गैर-खाद्य वस्तुओं का सेवन किया जाए, तो इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनमें पेट दर्द, कब्ज, आंत में रुकावट, संक्रमण, दांतों को नुकसान और शरीर में विषैले पदार्थ पहुंचने का खतरा शामिल है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति में बार-बार ऐसी वस्तुएं खाने की इच्छा दिखाई दे, तो इसे सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है।