फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से मिली सरकारी नौकरी, चित्तौड़गढ़ में 5 शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में दिव्यांग आरक्षण के तहत नियुक्त पांच शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मेडिकल बोर्ड की जांच में उनके प्रमाणपत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। मामले की जानकारी आगे की जांच के लिए एसओजी और संबंधित पुलिस थानों को भी भेजी गई है।
मेडिकल जांच में सामने आया प्रमाणपत्रों का मामल
शिक्षा विभाग ने वर्ष 2016, 2018, 2021 और 2022 की शिक्षक भर्ती में दिव्यांग कोटे से नियुक्त 85 शिक्षकों के रिकॉर्ड की जांच कराई। मेडिकल बोर्ड द्वारा परीक्षण के दौरान पांच शिक्षकों की दिव्यांगता निर्धारित भर्ती मानदंडों के अनुरूप नहीं पाई गई। विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर संबंधित प्रमाणपत्रों में अनियमितता सामने आई, जिसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई।
पांच शिक्षकों को किया निलंबित, पुलिस को भेजी रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने पांचों शिक्षकों को निलंबित कर दिया। साथ ही संबंधित विद्यालयों के संस्था प्रधानों की ओर से बड़ीसादड़ी, भदेसर, चंदेरिया और भैंसरोड़गढ़ थाना पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की सूचना स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इन शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई
कार्रवाई की जद में बड़ीसादड़ी ब्लॉक के बोहेड़ा स्कूल के जयवीर सिंह, नलवाई स्कूल की दुर्गा गुर्जर, चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के गोपालपुरा स्कूल के मनीष कुमार मीणा, भैंसरोड़गढ़ ब्लॉक के दीपपुरा स्कूल के बालमुकुंद वैष्णव सहित कुल पांच शिक्षक शामिल हैं। विभाग ने इनके खिलाफ राजस्थान सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए नोटिस जारी किए हैं।
पिछले वर्ष शुरू हुई थी राज्यव्यापी जांच
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, सितंबर 2025 में प्रारंभिक शिक्षा विभाग, बीकानेर ने सभी जिलों को दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित दिव्यांगता मानदंडों पर खरा नहीं उतरता या प्रमाणपत्र में अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर मामले की जानकारी एसओजी को भेजी जाए। इसी प्रक्रिया के तहत चित्तौड़गढ़ में यह कार्रवाई की गई।