अलवर के तुलेड़ा ग्रामीण सेवा शिविर में हंगामा, ‘पटवारी हटाओ’ के नारे, अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप
अलवर जिले के तुलेड़ा गांव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने “पटवारी हटाओ” के नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शिविर में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान कांग्रेस जिला पार्षद और विकास अधिकारी के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर पटवारी को हटाने की मांग की।
शिविर में अचानक भड़का विरोध, लगे नारे
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने राजस्व संबंधी कार्यों में देरी और अनदेखी का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने “पटवारी हटाओ” के नारे लगाए और शिविर स्थल पर असंतोष जताया। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से उनके काम अटके हुए हैं और बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। अचानक हुए इस विरोध से शिविर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जिला पार्षद और विकास अधिकारी के बीच तीखी बहस
इस दौरान कांग्रेस जिला पार्षद जगदीश जाटव और विकास अधिकारी (वीडीओ) आरती गुप्ता के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। जिला पार्षद ने सवाल उठाया कि जब शिविर में वरिष्ठ अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं तो ऐसे आयोजन का क्या औचित्य रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी लंबे समय से गांव में नियमित रूप से नहीं आते, जिससे आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में पटवारी पर गंभीर आरोप
जिला पार्षद और ग्रामीणों ने मिलकर एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें तुलेड़ा हल्का पटवारी उमाशंकर शर्मा को हटाने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पटवारी लंबे समय से क्षेत्र में अनुपस्थित रहते हैं, फोन कॉल भी रिसीव नहीं करते और नामांतरण, जमाबंदी, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे कार्यों में लगातार देरी हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें तबादले की बात कहकर टाल दिया जाता है।
प्रशासन ने बताया—शिविर में हो रहा काम
वहीं तुलेड़ा के सरपंच रहे और वर्तमान प्रशासक बबल यादव ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का एक ही स्थान पर समाधान करना है। उनके अनुसार शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद हैं और पेंशन, रास्ता खुलवाने, नाम संशोधन सहित कई कार्य मौके पर ही निस्तारित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी।