बहरोड़ में केमिकल से भरा कंटेनर पलटा, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 8 घंटे तक लगा लंबा जाम
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर अलवर जिले के बहरोड़ के पास सोमवार सुबह केमिकल से भरा एक कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद हाईवे पर करीब आठ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कंटेनर चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि प्रशासन को भारी वाहन हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान वैकल्पिक रास्तों पर भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सामने से आए वाहन को बचाने में पलटा कंटेनर
जानकारी के अनुसार हरियाणा के कुरुक्षेत्र से गुजरात की ओर केमिकल के ड्रम लेकर जा रहा कंटेनर सोमवार सुबह करीब छह बजे बहरोड़ के सोतानाला पुल के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सामने से आ रहे एक वाहन को साइड देने के दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कंटेनर सड़क के बीचोंबीच पलट गया। हादसे के कारण हाईवे का एक बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चालक सुरक्षित, कंटेनर हटाने में लगे कई घंटे
हादसे में कंटेनर चालक मेघराज जाट को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलते ही बहरोड़ थाना पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची तथा चालक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। कंटेनर में बड़ी संख्या में केमिकल के ड्रम होने के कारण उसे क्रेन की मदद से हटाने में काफी समय लगा। करीब सात से आठ घंटे की मशक्कत के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
जाम से बचने की कोशिश बनी नई परेशानी
लंबे जाम से बचने के लिए कई कार चालक हाईवे छोड़कर आसपास के कच्चे रास्तों से निकलने लगे। हालांकि रेतीले इलाके में कई वाहन रेत में फंस गए, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। मौके पर मौजूद कुछ ट्रैक्टर चालकों ने फंसे वाहनों को बाहर निकालने के बदले ₹500 से ₹700 तक की राशि वसूलने की बात सामने आई। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हादसे के बाद त्वरित व्यवस्था की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं के बाद भारी वाहनों को शीघ्र हटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि लंबे समय तक हाईवे बाधित रहने से हजारों यात्रियों को परेशानी होती है और वैकल्पिक मार्गों पर भी अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों के दौरान त्वरित राहत और यातायात प्रबंधन को और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।