कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला, आत्मघाती धमाके के बाद घंटों चली मुठभेड़; 10 की मौत
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल उठी। शहर में पाकिस्तान रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया, जिसके बाद सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच लंबी मुठभेड़ हुई। अधिकारियों के अनुसार, हमले में कई सुरक्षाकर्मियों और हमलावरों की मौत हुई, जबकि पूरे इलाके में कई घंटों तक सुरक्षा अभियान जारी रहा। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और चरमपंथी गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आत्मघाती विस्फोट के बाद शुरू हुई गोलीबारी
रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने विस्फोटकों से भरे वाहन को कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर स्थित पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से टकरा दिया। जोरदार धमाके के तुरंत बाद हथियारबंद हमलावर परिसर में घुसने की कोशिश करने लगे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की और पूरे इलाके में भीषण गोलीबारी हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ करीब 90 मिनट तक चली, जबकि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अभियान कई घंटों तक जारी रहा।
सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई, हमलावर ढेर
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में पैरामिलिट्री बल के कम से कम चार जवानों की मौत हुई। वहीं जवाबी कार्रवाई में छह हमलावरों के मारे जाने और एक संदिग्ध को जीवित गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर हमलावरों की बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया, जिससे और अधिक नुकसान टाला जा सका। हालांकि घटना के बाद पूरे परिसर और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान भी चलाया गया।
हमले की जिम्मेदारी किसने ली?
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (TTP) से जुड़े चरमपंथी संगठन जमात-उल-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन ने इसे सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई बताया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान में सक्रिय कई उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और हमले के पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
पूरे इलाके में हाई अलर्ट, कमांडो ने संभाला मोर्चा
हमले के बाद पाकिस्तान की स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट, एंटी-टेररिज्म फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों ने रेंजर्स मुख्यालय और आसपास की सड़कों को पूरी तरह सील कर दिया तथा स्थानीय लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी। सुरक्षा अभियान के दौरान कुछ इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति भी रोक दी गई। विस्फोट और गोलीबारी के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।
कराची में फिर बढ़ी सुरक्षा चिंता
विश्लेषकों के अनुसार, यह हाल के वर्षों में कराची में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले भी कराची पुलिस मुख्यालय और हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर बड़े हमले किए जा चुके हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में आतंकी खतरे और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है। अब जांच एजेंसियां हमले की साजिश, हमलावरों के नेटवर्क और सुरक्षा में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही हैं।