दिल्ली में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या मामला: कैब ड्राइवर गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़ा आपराधिक रिकॉर्ड
दिल्ली में 10 साल की बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने एक कैब ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बासु सिंह के रूप में हुई है, जिसे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद सामान्य जीवन जीता रहा और अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में शामिल रहा। मामले ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कैब ड्राइवरों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की गतिविधियां घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई थीं। फुटेज और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे पकड़ लिया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी घटना के बाद अपने रूटीन कामों में लौट गया था, जिससे पुलिस को उसके व्यवहार पर भी संदेह हुआ।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी बासु सिंह के खिलाफ बिहार में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें छेड़छाड़, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि आरोपी का दावा है कि ये मामले पारिवारिक विवादों से जुड़े थे, लेकिन पुलिस सभी रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए बिहार पुलिस से संपर्क में है। यह भी जांच की जा रही है कि उसका कैब ड्राइविंग लाइसेंस और वेरिफिकेशन कैसे हुआ।
कैब ड्राइविंग और सुरक्षा पर सवाल
आरोपी पहले एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था और बाद में कैब ड्राइवर बना। घटना के बाद कैब एग्रीगेटर कंपनियों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अगर सही बैकग्राउंड जांच होती तो शायद इस तरह की गंभीर घटना को रोका जा सकता था।
परिवार की मांग और जांच आगे जारी
पीड़िता के परिवार ने आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही कैब कंपनियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं की भी जांच की जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।