पीएम मोदी वीडियो विवाद पर अनिल रस्तोगी ने दी सफाई, बोले– “इसका राजनीतिक मतलब न निकाला जाए”
हाल ही में दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान अभिनेता पद्मश्री अनिल कुमार रस्तोगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में ऐसा प्रतीत हुआ कि मंच पर बढ़ाए गए हाथ को अभिनेता ने अनदेखा कर दिया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और विवाद शुरू हो गया। अब खुद अनिल रस्तोगी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह केवल एक अनजानी चूक थी और इसे राजनीतिक रंग देना गलत है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। जब वह मंच पर पुरस्कार लेने पहुंचे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात का एक क्षण कैमरे में कैद हो गया। इस वीडियो में ऐसा लगा कि प्रधानमंत्री द्वारा बढ़ाया गया हाथ अभिनेता ने नहीं देखा और आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
अनिल रस्तोगी ने दी सोशल मीडिया पर सफाई
विवाद बढ़ने के बाद अनिल रस्तोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह उस समय भावुक और थोड़ा घबराए हुए थे, क्योंकि यह उनके जीवन का एक बड़ा सम्मान था। इसी कारण एक क्षणिक चूक हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के प्रति उनके मन में पूरा सम्मान है और इस घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
ट्रोलिंग पर दिया जवाब
अनिल रस्तोगी ने उन लोगों की भी आलोचना की जो इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष से अधिक उम्र में इस तरह की छोटी भूल होना स्वाभाविक है और इसे जानबूझकर किया गया व्यवहार नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और इस मामले को अनावश्यक रूप से राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए।
सम्मान समारोह की अहमियत पर जोर
अभिनेता ने कहा कि पद्मश्री जैसे राष्ट्रीय सम्मान का क्षण उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पल है। ऐसे समय में एक छोटी सी चूक को बड़ा मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस उपलब्धि को विवाद की बजाय सम्मान के रूप में देखा जाए और अनावश्यक बहस से बचा जाए।