जयपुर में अनोखी पहल: प्रधानाचार्य ने टॉपर छात्रा को कराया हवाई सफर, शिक्षा को मिला नया प्रोत्साहन
राजस्थान के जयपुर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढोढसर में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश कुमार अंकुर ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली टॉपर छात्रा विद्या कुमावत को अपने खर्चे पर हवाई यात्रा करवाई। यह पहल न केवल छात्रा के लिए यादगार रही, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। शिक्षा विभाग ने इस कदम की सराहना की है।
टॉपर छात्रा को मिला अनोखा इनाम
विद्यालय की छात्रा विद्या कुमावत ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उनकी इस उपलब्धि को सम्मानित करने के लिए प्रधानाचार्य ने एक विशेष योजना बनाई और उन्हें जयपुर से बीकानेर तक हवाई यात्रा करवाई। यह यात्रा दो दिनों की रही, जिसमें छात्रा को विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस अनोखे अनुभव ने छात्रा के आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
शिक्षा और संस्कृति का मिला संगम
हवाई यात्रा के दौरान छात्रा ने बीकानेर के प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें जूनागढ़ महल, म्यूजियम, करणी माता मंदिर देशनोक, वैष्णो धाम, लालगढ़ पैलेस और अन्य महत्वपूर्ण स्थल शामिल रहे। इस भ्रमण ने छात्रा को इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझने का अवसर दिया। प्रधानाचार्य का मानना है कि इस तरह की पहल से विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और बढ़ती है।
पहले भी कर चुके हैं कई छात्रों को सम्मानित
प्रधानाचार्य राजेश कुमार अंकुर इससे पहले भी कई मेधावी छात्रों को हवाई यात्रा और शैक्षणिक भ्रमण का अवसर दे चुके हैं। वर्ष 2021 और 2024 में कुल सात छात्रों को इस तरह का अनुभव दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में उनकी इस पहल के कारण उन्हें “हवाई जहाज वाले प्रिंसिपल” के नाम से भी जाना जाता है। अभिभावकों का कहना है कि यह पहल सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए सपनों को हकीकत में बदलने जैसा है।
छात्रा और स्कूल में खुशी का माहौल
इस अनुभव को लेकर छात्रा विद्या कुमावत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का यादगार पल है। उन्होंने बताया कि हवाई यात्रा और बीकानेर का भ्रमण उनके लिए बेहद ज्ञानवर्धक रहा। स्कूल प्रशासन का कहना है कि इस पहल से छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ा है और प्रतिस्पर्धा की भावना भी मजबूत हुई है, जिससे शिक्षा का स्तर और बेहतर होने की उम्मीद है।