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Oil & Gas Blocks: भारत ने छठी बार बढ़ाई बोली की समय-सीमा, विदेशी कंपनियों को लुभाने की कोशिश तेज

देश में घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन लाइसेंसिंग राउंड के तहत बोली जमा करने की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है। यह लगातार छठी बार है जब समय-सीमा में बदलाव किया गया है। नई अंतिम तिथि अब 17 सितंबर तय की गई है।

डीपवॉटर ब्लॉक्स के लिए बढ़ाई गई डेडलाइन

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन्स (DGH) के अनुसार, यह नई समय-सीमा केवल OALP के 10वें राउंड में शामिल एक डीपवॉटर और 12 अल्ट्रा-डीपवॉटर ब्लॉक्स पर लागू होगी। वहीं, जमीन और कम गहरे समुद्री क्षेत्रों के 12 अन्य ब्लॉक्स के लिए बोली प्रक्रिया पहले से निर्धारित समय पर समाप्त हो गई।

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज के लिए अत्याधुनिक तकनीक और भारी निवेश की आवश्यकता होती है। इसी वजह से सरकार विदेशी कंपनियों को पर्याप्त समय देकर उन्हें भारतीय बाजार में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। हाल ही में लागू किए गए नए नियमों और संशोधित नीतियों का अध्ययन करने के लिए भी कंपनियों को अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।

XI OALP राउंड में भी बढ़ी समय-सीमा

मार्च 2025 में शुरू हुए XI OALP राउंड में शामिल डीपवॉटर और अल्ट्रा-डीपवॉटर ब्लॉक्स के लिए भी बोली की अंतिम तिथि 17 सितंबर कर दी गई है। इस राउंड में एक डीपवॉटर और चार अल्ट्रा-डीपवॉटर ब्लॉक शामिल हैं, जबकि अन्य 16 ब्लॉक्स के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है।

बढ़ती आयात निर्भरता बनी चिंता

ईरान संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है। पिछले कई वर्षों से देश का तेल और गैस उत्पादन घट रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ी है। सरकार को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश से नए हाइड्रोकार्बन भंडारों की खोज को गति मिलेगी।

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