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बूंदी के टॉपर्स ने पहली बार भरी उड़ान, बादलों के बीच देखा आसमान का रोमांच

राजस्थान के बूंदी जिले के बंबूली गांव में सरकारी स्कूल के दो होनहार छात्रों ने अपनी मेहनत के दम पर न सिर्फ अच्छे अंक हासिल किए, बल्कि “चैन बंबूली उड़ान योजना” के तहत पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव भी लिया। जयपुर से दिल्ली की इस विशेष उड़ान के दौरान दोनों छात्रों ने बादलों के बीच आसमान का अद्भुत नजारा देखा और देश की राजधानी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की। यह यात्रा उनके जीवन की यादगार उपलब्धि बन गई।

उड़ान योजना से मिली सपनों को नई उड़ान

बंबूली गांव में शुरू की गई “चैन बंबूली उड़ान योजना” के तहत दो मेधावी छात्रों को यह अनोखा अवसर दिया गया। पूर्व सरपंच प्रहलाद नागर के बेटे मुकेश धाकड़ ने अपने निजी खर्च पर इस योजना की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य ग्रामीण छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना है। इसी पहल के तहत कक्षा 10वीं के सलीम मोहम्मद (86%) और कक्षा 12वीं के अवधेश नागर (87%) का चयन किया गया और उन्हें दिल्ली व जयपुर का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।

पहली उड़ान का रोमांच, बादलों के बीच खुशी

जयपुर एयरपोर्ट से दिल्ली जाते समय दोनों छात्र बेहद उत्साहित थे। जैसे ही विमान ने ऊंचाई पकड़ी, खिड़की से दिखते सफेद बादलों के दृश्य ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्रों ने इसे अपने जीवन का सबसे खास अनुभव बताया। अवधेश नागर ने कहा कि बादल रुई के जैसे लग रहे थे, जबकि सलीम मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वे हवाई जहाज में बैठेंगे। यह अनुभव उनके लिए पढ़ाई की मेहनत का सबसे बड़ा इनाम साबित हुआ।

दिल्ली में मिला विशेष सम्मान और VIP अनुभव

दिल्ली पहुंचने पर दोनों छात्रों का विशेष अतिथि के रूप में स्वागत किया गया। उन्हें वेस्टर्न कोर्ट में ठहराया गया और वहां से उन्होंने राष्ट्रपति भवन, नया संसद भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय, इंडिया गेट और लाल किला जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कराई गई, जिन्होंने उन्हें बड़े लक्ष्य तय करने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।

जयपुर भ्रमण में दिखा राजस्थान का गौरव

दिल्ली यात्रा के बाद छात्रों ने जयपुर में वर्ल्ड ट्रेड पार्क, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, सिटी पार्क और जीटी बाजार का भ्रमण किया। अल्बर्ट हॉल में राजस्थान के इतिहास को देखकर दोनों छात्र गर्व से भर उठे। उन्होंने कहा कि यह धरती वीरों की है और यहां का इतिहास प्रेरणा देता है। इस पूरी यात्रा ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया।

गांव में लौटी प्रेरणा, बच्चों में बढ़ा उत्साह

यात्रा से लौटने के बाद दोनों छात्रों ने अपने अनुभव स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा किए, जिससे पूरे विद्यालय में नया उत्साह देखने को मिला। प्रधानाचार्य ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे अन्य छात्र भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। अब स्कूल के कई छात्र इस योजना का हिस्सा बनने के लिए मेहनत कर रहे हैं।

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