लेबनान में बढ़ी तबाही के बीच फ्रांस की अपील, अमेरिका से इज़रायल पर दबाव बनाने की मांग
इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। दक्षिणी लेबनान में हुए ताजा हमलों में कई लोगों की मौत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच फ्रांस ने अमेरिका से इज़रायल पर दबाव बनाकर हिंसा रोकने की अपील की है, जबकि इज़रायल के कुछ नेताओं के बयानों ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
दक्षिणी लेबनान में हमलों से बढ़ा तनाव
इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच दक्षिणी लेबनान एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। नबातियेह जिले में इज़रायली हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी से व्यापक नुकसान की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। कुछ लोगों के लापता होने की भी सूचना है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य जारी हैं। लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्र में मानवीय संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
फ्रांस ने अमेरिका से हस्तक्षेप की अपील की
बढ़ती हिंसा के बीच फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने अमेरिका से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लेबनान में नागरिकों की मौत और बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए वाशिंगटन को इज़रायल पर दबाव बनाना चाहिए। फ्रांस लेबनानी सेना को समर्थन दिलाने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी कोशिश कर रहा है। पेरिस का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करना जरूरी है।
संघर्ष में चार इज़रायली सैनिकों की भी मौत
दक्षिणी लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई के दौरान इज़रायली सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा है। सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अभियान में चार सैनिक मारे गए हैं। इनमें 52वीं बटालियन और 41वीं ब्रिगेड के कमांडर लेफ्टिनेंट डोर गेदालिया बेन सिमोन भी शामिल हैं। सैनिकों की मौत के बाद इज़रायल में सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।
बेन-ग्वीर के बयान से बढ़ा विवाद
चार सैनिकों की मौत के बाद इज़रायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने कड़ा रुख अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके बयान के कुछ हिस्सों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद भी पैदा हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की तीखी बयानबाजी क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकती है तथा कूटनीतिक प्रयासों को प्रभावित कर सकती है।
कूटनीतिक समाधान की मांग तेज
लगातार बढ़ते संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहराती जा रही है। कई देशों और संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास ही क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता खोल सकते हैं। फिलहाल मध्य पूर्व की स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।