वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका से नाराज ईरान, FIFA से की आधिकारिक शिकायत की तैयारी
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बीच ईरान और अमेरिका के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों को लेकर नाराजगी जताते हुए फीफा से आधिकारिक शिकायत करने का फैसला किया है। फेडरेशन का कहना है कि इन नियमों से टीम की तैयारियों और प्रतियोगिता में समान अवसर के सिद्धांत पर असर पड़ रहा है।
यात्रा प्रतिबंधों पर ईरान ने जताई कड़ी आपत्ति
ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने अमेरिका द्वारा लागू की गई यात्रा शर्तों पर निराशा व्यक्त की है। फेडरेशन के अनुसार, ईरानी खिलाड़ियों को अमेरिका में मैच से केवल एक दिन पहले प्रवेश की अनुमति दी जा रही है और मुकाबला खत्म होने के तुरंत बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ता है। ईरान का मानना है कि इस प्रकार की पाबंदियां वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में सभी टीमों के लिए समान परिस्थितियां उपलब्ध कराने के सिद्धांत के खिलाफ हैं। इसी कारण फेडरेशन ने फीफा के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक बयान में उठाए बराबरी के माहौल का मुद्दा
शुक्रवार को जारी बयान में ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था टीम की तैयारियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। फेडरेशन का कहना है कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए स्थिर माहौल बेहद जरूरी होता है, लेकिन बार-बार यात्रा और सीमित समय की वजह से तैयारी प्रभावित हो रही है। संस्था ने स्पष्ट किया कि वह उचित प्रक्रिया के तहत फीफा के सामने अपनी आपत्तियां रखेगी और इस मामले में निष्पक्ष समाधान की उम्मीद करेगी।
मुश्किलों के बावजूद बेल्जियम मैच पर फोकस
फेडरेशन ने यह भी कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद राष्ट्रीय टीम अपने लक्ष्य से भटकेगी नहीं। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का पूरा ध्यान बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर केंद्रित है। ईरान की टीम का मानना है कि मैदान के बाहर की परिस्थितियां चाहे जितनी कठिन हों, प्रदर्शन के स्तर पर उसका असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। टीम प्रबंधन खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखने और तैयारियों को सामान्य रखने की कोशिश कर रहा है।
कोच आमिर घालेनोई ने भी जताई थी चिंता
इससे पहले ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने भी यात्रा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले के बाद टीम को तुरंत मेक्सिको स्थित अपने कैंप लौटने के निर्देश दिए गए, जिससे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा। घालेनोई के अनुसार, टीम को मैच से दो दिन पहले मेजबान शहर पहुंचने की अनुमति नहीं मिली, जिससे तैयारियों में बाधा आई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान की टीम टूर्नामेंट की सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर रही है।