ट्रंप के दावे पर मेक्सिको की राष्ट्रपति का पलटवार, बोलीं- देश पर कार्टेल नहीं, सरकार का नियंत्रण
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल का प्रभाव हावी है। शिनबाम ने कहा कि ट्रंप के पास स्थिति की पूरी जानकारी नहीं है और उनकी सरकार अपराध व हिंसा पर नियंत्रण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने मेक्सिको की संप्रभुता और सुरक्षा व्यवस्था का भी बचाव किया।
ट्रंप के बयान को बताया गलत
मेक्सिको सिटी में आयोजित अपनी नियमित प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं और यह कोई नई बात नहीं है। शिनबाम ने विवाद को बढ़ाने से बचते हुए कहा कि ट्रंप का संवाद करने का अपना अलग तरीका है, लेकिन उनके पास मेक्सिको की वर्तमान स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा एजेंसियां अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार काम कर रही हैं।
सरकार ने अपराध नियंत्रण के आंकड़े गिनाए
राष्ट्रपति शिनबाम ने अपनी सरकार की सुरक्षा नीति का बचाव करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी, जिससे मेक्सिको की संप्रभुता या राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचे।
ट्रंप ने क्या कहा था?
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि मेक्सिको ने अपने कई क्षेत्रों पर नियंत्रण खो दिया है और ड्रग कार्टेल वहां प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका में प्रवेश करने वाली अवैध नशीली दवाओं का बड़ा हिस्सा मेक्सिको के रास्ते आता है। ट्रंप ने क्लाउडिया शिनबाम की तारीफ करते हुए उन्हें एक अच्छी नेता बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वह दबाव में नजर आती हैं।
दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ सकता है तनाव
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका और मेक्सिको के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच पहले से ही सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन और ड्रग तस्करी जैसे मुद्दों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में इस तरह के सार्वजनिक बयान दोनों देशों के संबंधों को और संवेदनशील बना सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग की आवश्यकता और बढ़ सकती है।