IPL 2027 के शेड्यूल पर बड़ा अपडेट, 10 मार्च से शुरू हो सकता है टूर्नामेंट
आईपीएल 2027 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बीसीसीआई टूर्नामेंट को पहले से जल्दी शुरू करने की योजना बना रहा है ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को मई की भीषण गर्मी से राहत मिल सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगला सीजन 10 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक समाप्त हो सकता है।
मार्च की शुरुआत में शुरू हो सकता है IPL 2027
इंडियन प्रीमियर लीग 2027 के कार्यक्रम को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) नई रणनीति पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड टूर्नामेंट को मार्च के आखिरी सप्ताह के बजाय 10 मार्च से शुरू करने पर विचार कर रहा है। इससे पूरे सीजन का समापन 15 मई तक किया जा सकेगा। बीसीसीआई का मानना है कि समय में यह बदलाव खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
भीषण गर्मी से बचने के लिए लिया जा सकता है फैसला
मई के अंतिम सप्ताह में देश के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी पड़ती है, जिसका असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन और दर्शकों की उपस्थिति पर भी पड़ता है। इसी वजह से आईपीएल संचालन परिषद और बीसीसीआई के बीच टूर्नामेंट को दो सप्ताह पहले शुरू करने पर चर्चा चल रही है। बोर्ड चाहता है कि प्रतियोगिता का अधिकांश हिस्सा अपेक्षाकृत अनुकूल मौसम में आयोजित किया जाए।
15 मई तक खत्म हो सकता है पूरा सीजन
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, खेल विकास विभाग को ऐसा कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे 10 मार्च तक लीग शुरू कर 15 मई तक फाइनल मुकाबला कराया जा सके। यदि यह योजना लागू होती है तो आईपीएल का समापन पहले की तुलना में लगभग दो सप्ताह पहले हो जाएगा।
मैचों की संख्या में नहीं होगा कोई बदलाव
आईपीएल 2027 में मैचों की संख्या बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। मौजूदा प्रारूप के तहत 74 मुकाबले ही खेले जाएंगे। बीसीसीआई का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर पहले से काफी व्यस्त है और ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका तथा वेस्टइंडीज जैसे देशों के खिलाड़ियों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखना जरूरी है। इसलिए 94 मैचों के विस्तार प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौती
बीसीसीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक क्रिकेट कार्यक्रम के साथ तालमेल बैठाने की है। बोर्ड चाहता है कि आईपीएल की लोकप्रियता और प्रतिस्पर्धा का स्तर बरकरार रहे, लेकिन साथ ही खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव भी न पड़े। इसी वजह से मौजूदा ढांचे को बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।