बुलडोजर कार्रवाई के बीच सड़क पर उतरे अशोक चांदना, इंची टेप से खुद नापी दूरी
बूंदी जिले में नेशनल हाईवे-52 पर चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच उस समय अलग तस्वीर देखने को मिली जब पूर्व मंत्री और हिण्डोली विधायक अशोक चांदना खुद मौके पर पहुंच गए। प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई किए जाने के दौरान उन्होंने सड़क और मकानों की दूरी इंची टेप से नापी और अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई नियमों के तहत होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन किसी भी गरीब परिवार के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के बाद शुरू की गई है। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की संयुक्त टीम पिछले कई दिनों से सड़क किनारे बने कच्चे और पक्के निर्माणों को हटाने में जुटी हुई है। अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कई मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों को हटाया जा चुका है। कार्रवाई के चलते प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
मौके पर पहुंचे विधायक, खुद की माप-तौल
अभियान की जानकारी मिलने पर विधायक अशोक चांदना सीधे मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से कार्रवाई की पूरी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क और आसपास बने भवनों की दूरी को स्वयं मापना शुरू कर दिया। इंची टेप लेकर की गई उनकी यह कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर निर्माण की सही माप के आधार पर ही कार्रवाई की जाए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे और प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
गरीबों के हितों की रक्षा की मांग
अशोक चांदना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्रवाई करते समय प्रभावित लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की आजीविका या आवास प्रभावित हो रहे हैं, उनकी स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। चांदना ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को मुआवजा या अन्य कानूनी अधिकार मिलना चाहिए तो उसे पूरा लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास के नाम पर गरीबों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
अन्याय हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
विधायक ने चेतावनी दी कि यदि नियमों की अनदेखी कर लोगों के साथ अन्याय किया गया तो वे प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना था कि कानून का पालन आवश्यक है, लेकिन प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कार्रवाई निष्पक्ष और न्यायसंगत हो। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी गलत कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई का दिया भरोसा
अधिकारियों ने विधायक को भरोसा दिलाया कि पूरा अभियान न्यायालय के आदेशों और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाना आवश्यक है, ताकि यातायात सुचारू रह सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान के दौरान पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।