स्लीपर बस घोटाला: जयपुर में बन रही थी बस, एमपी में पहले ही हो गया रजिस्ट्रेशन; FIR दर्ज
जयपुर में निर्माणाधीन स्लीपर बसों का मध्यप्रदेश में पहले ही रजिस्ट्रेशन होने का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में खुलासा हुआ कि बसें अभी तैयार भी नहीं हुई थीं, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नीमच (मध्यप्रदेश) में कराया जा चुका था। मामले को गंभीर मानते हुए परिवहन विभाग ने बस बॉडी बिल्डर और वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
निर्माणाधीन बसों का पहले ही करा दिया रजिस्ट्रेशन
परिवहन विभाग की जांच में सामने आया कि दिल्ली रोड स्थित एक बस बॉडी बिल्डर के यहां दो स्लीपर बसों का निर्माण कार्य जारी था। निरीक्षण के दौरान वाहन संख्या MP44-ZG-9465 और MP44-ZG-9565 मौके पर अधूरी अवस्था में मिलीं। हैरानी की बात यह रही कि इन दोनों वाहनों का रजिस्ट्रेशन पहले ही मध्यप्रदेश के नीमच जिले में किया जा चुका था।
नियमों के अनुसार किसी भी बस का रजिस्ट्रेशन तभी किया जा सकता है, जब उसका निर्माण पूरा हो, भौतिक निरीक्षण किया जाए और सभी तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों की पुष्टि हो जाए।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
परिवहन विभाग के अनुसार बसों के निर्माण में AIS-052 और AIS-153 जैसे अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना जरूरी है। इन मानकों के तहत वाहन की संरचना, मजबूती, यात्री सुरक्षा और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जाती है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि बिना निरीक्षण और बिना सुरक्षा मानकों की पुष्टि के रजिस्ट्रेशन कर दिया गया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता था।
बस बॉडी बिल्डर और मालिक पर एफआईआर
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देश पर परिवहन निरीक्षक राम सिंह मीणा ने गलता गेट थाने में बस बॉडी बिल्डर मुबिन पुत्र यासिन और वाहन मालिक अभिमन्यु चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, जाली दस्तावेजों का उपयोग और आमजन की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं।
नीमच डीटीओ की भूमिका भी जांच के दायरे में
डीटीओ नाथू सिंह ने बताया कि संबंधित बसों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने के लिए नीमच परिवहन कार्यालय को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही मध्यप्रदेश परिवहन विभाग को भी मामले की जानकारी देकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की जाएगी।
विभाग यह भी जांच करेगा कि बिना बस के भौतिक निरीक्षण के रजिस्ट्रेशन कैसे किया गया और संबंधित अधिकारियों ने नियमों का पालन किया था या नहीं।
परिवहन विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
परिवहन विभाग का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।