अलवर में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़: IPL मैचों पर दांव लगाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
अलवर पुलिस ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाले एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी छत से कूदकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, कई मोबाइल फोन और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़ा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद हुआ है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अखैपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग आईपीएल क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारा। अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को देखकर आरोपी मौके से भागने लगे और गिरफ्तारी से बचने के लिए मकान की छत से नीचे कूद गए। हालांकि जल्दबाजी में वे अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान वहीं छोड़ गए। पुलिस ने मौके से सभी उपकरण जब्त कर लिए और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
डिजिटल जांच में खुला सट्टेबाजी का नेटवर्क
पुलिस ने जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराई। साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिवाइसों का डेटा खंगाला गया तो ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। जांच में आईपीएल मुकाबलों पर लगाए गए दांव, लेन-देन का रिकॉर्ड और विभिन्न ऑनलाइन गतिविधियों का विवरण मिला। प्रारंभिक जांच में एक लाख रुपये से अधिक की सट्टा गतिविधियों का रिकॉर्ड सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकता।
मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य संदिग्ध मुकुल उर्फ मोंटू को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद दूसरे आरोपी प्रवीण को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगवाने और उसका संचालन करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। अब उनके बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
गिरफ्तार आरोपियों में एक अलवर शहर का निवासी है, जबकि दूसरा किराए पर रहकर गतिविधियों को संचालित कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकर सट्टेबाजी का संचालन कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल व डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे होने की संभावना है।