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बीज निगम रिश्वत कांड पर गरमाई सियासत, मदन दिलावर ने किया किरोड़ी लाल मीणा का बचाव

राजस्थान राज्य बीज निगम से जुड़े कथित रिश्वत कांड को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद विपक्ष लगातार कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर सवाल उठा रहा है। इस बीच राज्य सरकार की ओर से पहली बार खुलकर समर्थन सामने आया है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने किरोड़ी लाल मीणा की ईमानदारी का बचाव करते हुए कहा कि यदि उन पर भ्रष्टाचार का आरोप सही माना जाता है, तो फिर उनकी खुद की ईमानदारी पर भी सवाल उठेंगे।

मदन दिलावर ने किया खुला समर्थन

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मदन दिलावर ने कहा कि वे किरोड़ी लाल मीणा को छात्र जीवन से जानते हैं। उन्होंने बताया कि जब किरोड़ी लाल मीणा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे, उसी दौरान वे स्वयं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। दिलावर ने दावा किया कि उन्होंने वर्षों तक किरोड़ी लाल मीणा को करीब से देखा है और उनकी छवि हमेशा एक ईमानदार जनप्रतिनिधि की रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाना उचित नहीं है और तथ्यों के सामने आने से पहले निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।

एसीबी कार्रवाई को बताया सरकार की सख्ती

मंत्री ने बीज निगम मामले में एसीबी द्वारा की गई कार्रवाई को सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरत रही है। चाहे कोई अधिकारी हो या प्रभावशाली व्यक्ति, यदि उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी। उनके अनुसार हालिया गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा रहा।

विपक्ष पर साधा निशाना

मदन दिलावर ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष को अपने कार्यकाल की घटनाओं पर भी जवाब देने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को वर्तमान सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल के दौरान सामने आए विवादों और कथित घोटालों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए किसी एक घटना को आधार बनाकर पूरी सरकार या किसी मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास उचित नहीं है। दिलावर ने कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

वायरल तस्वीरों पर भी दी सफाई

मामले से जुड़े कुछ अधिकारियों और किरोड़ी लाल मीणा की वायरल तस्वीरों को लेकर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं के साथ हजारों लोग तस्वीरें खिंचवाते हैं। केवल किसी फोटो के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका या संबंध तय नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी मामले में दोषी पाया जाता है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, न कि केवल तस्वीरों के आधार पर अन्य लोगों को भी विवाद में घसीटा जाए।

निष्पक्ष जांच की मांग तेज

वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। गहलोत का मानना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसी बीच सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और यह मुद्दा अब राज्य की प्रमुख राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हो गया है।

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