PoK में भड़का जनाक्रोश, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा से बढ़ा तनाव
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। रावलाकोट समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की खबरें सामने आई हैं। इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध और सुरक्षा बंदोबस्त कड़े किए जाने के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं। हालांकि मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
रावलाकोट बना विरोध प्रदर्शन का केंद्र
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलाकोट क्षेत्र में विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक रूप ले लिया है। स्थानीय संगठनों और नागरिक समूहों द्वारा आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। हालिया घटनाक्रम के बाद रावलाकोट में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है।
इंटरनेट सेवाओं पर रोक से बढ़ी मुश्किलें
आंदोलन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। संचार व्यवस्था प्रभावित होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंटरनेट बंद होने के कारण घटनाओं की स्वतंत्र जानकारी जुटाने में भी कठिनाई हो रही है, जिससे विभिन्न दावों की पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है।
विरोध प्रदर्शन कई शहरों तक फैले
रावलाकोट के अलावा मुजफ्फराबाद, मीरपुर, प्लांदरी और टाटा पानी जैसे क्षेत्रों में भी प्रदर्शन और बंद का असर देखने को मिला है। कुछ स्थानों पर सड़कों को अवरुद्ध किए जाने की भी खबरें हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि वे अपने मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगी चिंता
विदेशों में रहने वाले कश्मीरी समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने PoK की स्थिति पर चिंता जताई है। ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हुई है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित विरोध कार्यक्रमों के मद्देनजर क्षेत्र की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।