सिंधु जल संधि पर भारत का दोटूक संदेश: आतंकवाद खत्म होने तक पाकिस्तान को नहीं मिलेगा लाभ, MEA ने दिया स्पष्ट जवाब
भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के हालिया बयानों पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और किसी भी विदेशी राजनयिक के दौरे पर पाकिस्तान की आपत्ति का कोई आधार नहीं है।
सिंधु जल संधि पर भारत का स्पष्ट रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत अपने फैसले पर कायम है। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। ऐसे में पाकिस्तान जब तक आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि से संबंधित भारत का निर्णय यथावत रहेगा।
कश्मीर दौरे पर पाकिस्तान को जवाब
स्विट्जरलैंड की राजदूत के जम्मू-कश्मीर दौरे पर पाकिस्तान की ओर से जताई गई आपत्ति को भारत ने खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। भारत में तैनात विदेशी राजनयिक देश के किसी भी हिस्से का दौरा करने के लिए स्वतंत्र हैं और इस पर किसी तीसरे देश की आपत्ति का कोई औचित्य नहीं है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सकारात्मक बातचीत
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर हाल में हुई बातचीत सकारात्मक रही है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए आगे भी वार्ता जारी रहेगी।
नेपाल के विदेश मंत्री करेंगे भारत दौरा
ब्रीफिंग में यह भी जानकारी दी गई कि नेपाल के विदेश मंत्री जल्द भारत आएंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।
अवैध प्रवासियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई
बांग्लादेशी नागरिकों और अवैध प्रवासियों से जुड़े सवालों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में इस संबंध में स्पष्ट कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। सभी मामलों का निपटारा कानून के अनुसार किया जाएगा।
मालवीय नगर अग्निकांड पर जताया दुख
दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में कई विदेशी नागरिकों की मौत पर विदेश मंत्रालय ने गहरा दुख व्यक्त किया। मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित देशों के दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।