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इराज के जन्मदिन पर जुटेगा विपक्ष, लेकिन परिवार की नाराज़गी पर टिकी सबकी नजर

Tejashwi Yadav के बेटे और Lalu Prasad Yadav के पोते इराज लालू यादव का पहला जन्मदिन इस बार राजनीतिक और पारिवारिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। गाजियाबाद स्थित ‘रागिनी विला’ में आयोजित इस भव्य समारोह में देशभर के कई बड़े विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि परिवार से नाराज चल रहे Tej Pratap Yadav और Rohini Acharya इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद यह लालू परिवार का पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन माना जा रहा है।

विपक्षी नेताओं का जुटान, सियासी ताकत दिखाने की तैयारी

इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन समारोह को सिर्फ पारिवारिक आयोजन नहीं बल्कि विपक्षी एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम में Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav, Arvind Kejriwal और Mamata Banerjee समेत कई बड़े नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है। माना जा रहा है कि बिहार चुनाव में हार के बाद आरजेडी इस आयोजन के जरिए अपनी राजनीतिक मौजूदगी और विपक्षी दलों के साथ रिश्तों को मजबूत संदेश देना चाहती है। कार्यक्रम को बेहद भव्य तरीके से तैयार किया गया है।

तेज प्रताप की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय

लालू परिवार के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मौजूदगी को लेकर सबसे ज्यादा अटकलें लगाई जा रही थीं। पार्टी और परिवार से दूरी बनने के बाद यह पहला मौका है जब वह किसी बड़े पारिवारिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं। अनुष्का यादव विवाद के बाद उन्हें आरजेडी और परिवार से अलग कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाई थी। हालांकि अब खबर है कि तेज प्रताप गाजियाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस जन्मदिन समारोह के बहाने तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के बीच रिश्तों की बर्फ पिघलती दिखाई देगी।

रोहिणी आचार्य की मौजूदगी पर अब भी सस्पेंस

Rohini Acharya को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हार के बाद परिवार के भीतर मतभेद की खबरें सामने आई थीं। बताया गया कि पार्टी रणनीति और करीबी सहयोगियों को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद रोहिणी ने राजनीति और पारिवारिक गतिविधियों से दूरी बना ली थी। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह अपने भतीजे इराज के पहले जन्मदिन में शामिल होकर परिवार के साथ फिर से जुड़ने का संकेत देती हैं या नहीं।

पारिवारिक समारोह बना राजनीतिक संदेश का मंच

गाजियाबाद में आयोजित यह समारोह अब केवल जन्मदिन पार्टी नहीं रह गया है, बल्कि इसे राजनीतिक और पारिवारिक समीकरणों के बड़े मंच के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर विपक्षी नेताओं की मौजूदगी राष्ट्रीय राजनीति का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर लालू परिवार के अंदरूनी रिश्तों पर भी सबकी नजर बनी हुई है। खासकर तेज प्रताप और रोहिणी आचार्य की भागीदारी इस कार्यक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला रही है। अब देखना होगा कि यह आयोजन केवल जश्न तक सीमित रहता है या परिवार और राजनीति दोनों में नए समीकरणों की शुरुआत करता है।

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