अलवर में ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान का सफल आयोजन, पुलिस व आमजन ने दिया फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अलवर जिले में फिट इंडिया मिशन के तहत रविवार को ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान में पुलिस विभाग और आमजन ने मिलकर फिटनेस, स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत योगा सेशन और साइकिलिंग रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पुलिस अधीक्षक अलवर श्री सुधीर चौधरी आईपीएस ने बताया कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस विशेष अभियान का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं व्यायाम के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
जिला स्तर पर कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस लाइन अलवर में सामूहिक योगा सेशन से हुई। योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया। इसके बाद सुबह 6:30 बजे साइकिलिंग रैली निकाली गई, जो प्रताप ऑडिटोरियम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों—मोटी डूंगरी, एसएमडी सर्किल, नगली सर्किल, बिजलीघर चौराहा, भगत सिंह सर्किल, अंबेडकर सर्किल और जेल चौराहा से होते हुए पुनः प्रताप ऑडिटोरियम पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली के दौरान प्रतिभागियों को फिटनेस, यातायात नियमों और सुरक्षित साइकिलिंग के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी को अल्पाहार वितरित किया गया।
इसके अलावा जिले के विभिन्न सर्किल—उत्तर शहर, ग्रामीण, राजगढ़, लक्ष्मणगढ़, कठूमर, थानागाजी और रामगढ़ में भी पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में योग और साइकिलिंग रैली का आयोजन किया गया। इनमें पुलिसकर्मी, सीएलजी सदस्य, पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, ग्राम रक्षक, स्कूली छात्र-छात्राएं और आमजन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अभियान के सफल आयोजन के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण प्रियंका रघुवंशी , सीओ सिटी अंगद शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साइकिलिंग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जागरूकता और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं।