संदीप घोष के खिलाफ ED को मिली मुकदमा चलाने की मंजूरी
पश्चिम बंगाल के चर्चित RG Kar मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कानूनी कार्रवाई और अभियोजन की अनुमति दे दी है। सरकार के इस कदम को डॉक्टर अभया को न्याय दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और दोषियों को हर हाल में सजा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने खुद दी कार्रवाई की जानकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ ED को मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने इसे “नेक और सकारात्मक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान जांच को लंबे समय तक प्रभावित करने की कोशिश हुई, लेकिन अब सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस फैसले के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
क्या है RG Kar मेडिकल कॉलेज मामला?
कोलकाता स्थित RG Kar Medical College and Hospital में 8 और 9 अगस्त 2024 की रात एक जूनियर महिला डॉक्टर, जिसे अभया नाम से जाना गया, की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। डॉक्टर का शव कॉलेज के सेमिनार हॉल में मिला था, जिसके बाद पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया। मेडिकल छात्रों और डॉक्टर संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किए थे। इस घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
संदीप घोष पर भ्रष्टाचार के भी आरोप
मामले की जांच के दौरान पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर अस्पताल प्रशासन और खरीद प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने अस्पताल में टेंडर और खरीदारी से जुड़ी अनियमितताओं की जांच शुरू की थी। अब राज्य सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर ED को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत संदीप घोष के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। बताया जा रहा है कि यह मंजूरी राज्यपाल की सहमति के बाद जारी की गई है।
“कोई भी कानून से ऊपर नहीं” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने अपने बयान में कहा कि सरकार चाहती है कि असली दोषियों की जल्द पहचान हो और उन्हें कड़ी सजा मिले। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की न्याय व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल के लोग न्याय होते देखना चाहते हैं और सरकार इस दिशा में हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने दिवंगत डॉक्टर अभया की आत्मा की शांति की कामना भी की।
देशभर में उठा था न्याय का मुद्दा
RG Kar केस ने पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा और मेडिकल संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी थी। कई शहरों में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किए और दोषियों को जल्द सजा देने की मांग उठाई। अब ED को मिली अभियोजन की अनुमति के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले में और बड़े खुलासे कर सकती हैं।