रेप केस में ‘सेटिंग’ का आरोप, ACB के जाल में फंसा SHO; टोल नाके पर कार से मिले लाखों रुपये
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धोलापानी थाने के थानाधिकारी को संदिग्ध नकदी के साथ हिरासत में लिया है। आरोपी पुलिस अधिकारी पर एक रेप केस में राहत दिलाने और परिवार के अन्य सदस्यों को बचाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए टोल नाके पर घेराबंदी की और आरोपी की निजी कार से करीब 2.87 लाख रुपये बरामद किए। मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अब आरोपी के ठिकानों की भी जांच की जा रही है।
रेप केस में मदद के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, एक परिवादी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की डूंगरपुर इकाई को शिकायत देकर बताया कि उसके भाई के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में राहत दिलाने के लिए थानाधिकारी लगातार दबाव बना रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी पुलिस अधिकारी मामले में मारपीट नहीं करने और परिवार के अन्य सदस्यों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा था। परिवादी की शिकायत को गंभीर मानते हुए एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी पुलिस अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया।
टोल नाके पर घेराबंदी कर पकड़ी गई संदिग्ध रकम
एसीबी उदयपुर रेंज के अधिकारियों के निर्देशन में बुधवार को विशेष टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि आरोपी निरीक्षक अपनी निजी कार में रिश्वत की रकम लेकर जा रहा है। इसके बाद निम्बाहेड़ा हाईवे स्थित नरसिंहपुरा टोल नाके पर घेराबंदी की गई। जैसे ही आरोपी की कार वहां पहुंची, टीम ने उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 2 लाख 87 हजार 150 रुपये नकद बरामद हुए। जब अधिकारी से इस रकम के संबंध में पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद एसीबी ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
सरकारी आवास और अन्य ठिकानों की जांच जारी
मामले के बाद एसीबी ने आरोपी थानाधिकारी के सरकारी आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से अवैध लेनदेन में शामिल था या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में थाने के अन्य कर्मचारियों की कोई भूमिका रही या नहीं। एसीबी को शक है कि रिश्वतखोरी का यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। जांच एजेंसी आरोपी के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। एक थानाधिकारी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई ने कानून व्यवस्था और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जिन अधिकारियों पर न्याय दिलाने की जिम्मेदारी होती है, यदि वही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर जाएं तो व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ता है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और