श्रीगंगानगर में रंगदारी गैंग का बड़ा खुलासा: मुंबई फायरिंग कनेक्शन वाले दो शूटर गिरफ्तार
राजस्थान के श्रीगंगानगर में पुलिस ने करोड़ों की रंगदारी मांगने वाले गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं और मुंबई में चर्चित फायरिंग घटनाओं में भी शामिल रह चुके हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय और विदेशी कनेक्शन खंगाल रही है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद इस मामले ने राजस्थान से लेकर मुंबई तक सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
ज्वेलर्स और कांग्रेस नेता को मिली थी जान से मारने की धमकी
श्रीगंगानगर शहर में एक ज्वेलर्स कारोबारी और कांग्रेस नेता से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। आरोपियों ने फोन और अन्य माध्यमों से धमकियां देकर भय का माहौल बनाने की कोशिश की। पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाश व्यापारी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे थे और उसकी रेकी भी की गई थी। मामला सामने आने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। इस पूरे घटनाक्रम ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने इसे हाई-प्रोफाइल केस मानते हुए तेजी से कार्रवाई की।
पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा
पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित और दीपक उर्फ तुषार के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार दोनों लंबे समय से अपराध जगत से जुड़े हुए थे और विभिन्न वारदातों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। इस मामले में अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मिले तार
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं और गैंगस्टर नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपी आरजू बिश्नोई के संपर्क में थे, जो विदेश में बैठे अपराधियों के नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। यही नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में रंगदारी, धमकी और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए सक्रिय युवकों का इस्तेमाल करता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मुंबई के बीच इस गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा है और किन लोगों को टारगेट बनाया जा रहा था।
मुंबई फायरिंग केस से भी जुड़ा कनेक्शन
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी मुंबई में हुई चर्चित फायरिंग घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों पर एक हाई-प्रोफाइल फायरिंग साजिश में शामिल होने का संदेह है, जिसके बाद उन्हें पहले मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि गैंग का मकसद फायरिंग और धमकियों के जरिए दहशत फैलाना और रंगदारी वसूलना था। राजस्थान पुलिस अब मुंबई पुलिस से भी संपर्क में है ताकि दोनों मामलों के बीच संबंधों की गहराई से जांच की जा सके और पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के आर्थिक नेटवर्क, हथियार सप्लाई और अन्य राज्यों में सक्रिय साथियों को लेकर अहम खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस गैंग से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इस गिरोह का इस्तेमाल बड़े अपराधों के लिए किया जा रहा था।